बिहार में गमछे पर सीएम सम्राट चौधरी का विवादास्पद बयान
बिहार की राजनीति में गमछे का महत्व
बिहार की राजनीतिक संस्कृति में गमछे का एक विशेष स्थान है। यह वस्त्र राज्य की जनता की पहचान बन चुका है। जब नेता या अभिनेता इसे पहनते हैं, तो वे आम जनता के समान प्रतीत होते हैं। यही कारण है कि फिल्मों में भी बिहार के पात्रों को दर्शाने के लिए गमछे का उपयोग किया जाता है। हाल ही में, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पर एक बयान दिया है।
सीएम का बयान और आरजेडी की प्रतिक्रिया
सम्राट चौधरी ने एआई समिट के उद्घाटन में कहा कि पटना में चार हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे हैं। यदि एआई को निर्देश दिया जाए कि हरे गमछे वाले लोगों को खोजे, तो वह तुरंत उन्हें पहचान लेगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह बयान किसी विशेष व्यक्ति से संबंधित नहीं है।
इस बयान के बाद आरजेडी के नेताओं ने विरोध जताया। उनका आरोप है कि सीएम चौधरी ने आरजेडी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया है, जो हरे गमछे का उपयोग करते हैं। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुले तौर पर हरे गमछे वालों को टारगेट कर रहे हैं और यह राज्य में हिंसा भड़काने का प्रयास है। अन्य आरजेडी नेताओं ने भी इस बयान पर नाराजगी व्यक्त की है। वहीं, सीएम चौधरी ने अपने बयान को सामान्य बताते हुए किसी विशेष व्यक्ति से जोड़ने से इनकार किया है।
बिहार में AI समिट-2026 का आयोजन
पटना के ऊर्जा स्टेडियम में 'बिहार AI समिट-2026' का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को एआई हब बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एआई के बढ़ते उपयोग और इसकी आवश्यकता पर बात करते हुए कहा कि भविष्य में एआई हर व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है।
उन्होंने सभी विभागों में एआई के उपयोग को बढ़ाने का निर्देश दिया और जनता से एआई को अपने जीवन में अपनाने का आग्रह किया। सीएम चौधरी ने एआई को भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
