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देवेंद्र फडणवीस का राहुल गांधी पर पलटवार, हरिद्वार में आध्यात्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हरिद्वार में एक आध्यात्मिक कार्यक्रम में भाग लेते हुए राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने देश और सेना को बदनाम करने में रुचि है। इस कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और कई अन्य प्रमुख अतिथि भी शामिल हुए। फडणवीस ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी की मूर्ति स्थापना समारोह में भाग लेते हुए भारतीय संस्कृति और सभ्यता के महत्व पर भी प्रकाश डाला। जानें इस कार्यक्रम की और खास बातें।
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देवेंद्र फडणवीस का राहुल गांधी पर पलटवार, हरिद्वार में आध्यात्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए

हरिद्वार में देवेंद्र फडणवीस का बयान

उत्तराखंड: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख के संबंध में दिए गए बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हरिद्वार में एक धार्मिक समारोह में भाग लेते हुए, फडणवीस ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्हें अपने देश, सेना और शहीदों को बदनाम करने में रुचि है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वे इस तरह की बातें उठाते हैं ताकि सुर्खियों में बने रहें।


फडणवीस बुधवार को हरिद्वार में थे, जहां उन्होंने एक आध्यात्मिक कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज और अन्य कई प्रमुख अतिथि उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलित कर किया गया।



मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंच से कहा कि उनके लिए यह गर्व का क्षण है कि वे ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी की समाधि स्थल पर मूर्ति स्थापना समारोह में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने न केवल अध्यात्म का प्रचार किया, बल्कि राष्ट्र के विकास के लिए भी कार्य किया। उन्होंने भारत माता मंदिर की स्थापना कर सनातन संस्कृति का प्रतीक स्थापित किया।


फडणवीस ने आगे कहा कि हमारी संस्कृति और विचार दुनिया की सबसे पुरानी हैं। हमें इतिहास और विज्ञान को साथ लेकर अपनी सभ्यता का विकास करना है। हमारी जीवन पद्धति ने कभी किसी को बहिष्कृत नहीं किया, यही कारण है कि भारत की सभ्यता का इतिहास निरंतर चलता रहा है। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जैसे व्यक्तियों ने इस सभ्यता को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य किया है।