प्रियंका गांधी का मोदी सरकार पर हमला: विपक्ष के सांसदों की आवाज दबाने का आरोप
संसद में हंगामा और प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली में संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को दोनों सदनों में भारी हंगामा देखने को मिला। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कुछ किताबें दिखाते हुए गांधी-नेहरू परिवार पर टिप्पणी की, जिससे विपक्ष के सदस्य भड़क गए। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने दुबे के खिलाफ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से शिकायत की। प्रियंका गांधी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दुबे ने किताबें दिखाईं, लेकिन उनका माइक बंद नहीं किया गया, जबकि राहुल गांधी को किताब से उद्धरण देने की अनुमति नहीं दी गई।
निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, 'यहां चर्चा एक ऐसी किताब पर हो रही है जो आज तक प्रकाशित नहीं हुई। मैं उन किताबों का उल्लेख करना चाहता हूं जो नेहरू और कांग्रेस परिवार की गद्दारी और भ्रष्टाचार को उजागर करती हैं।' उन्होंने आगे कहा कि पहली किताब 'एडविना और नेहरू' है, जिसमें स्वतंत्रता के समय पाकिस्तान के विभाजन और नेहरू के आचरण का जिक्र है। इसके अलावा, उन्होंने इंदिरा गांधी के साथ नेहरू के पीए के व्यक्तिगत संबंधों पर भी चर्चा की।
दुबे ने कांग्रेस पर हमले जारी रखते हुए सोनिया गांधी पर लिखी किताबों को भी दिखाया। इस दौरान स्पीकर ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन दुबे अपनी बात करते रहे।
प्रियंका गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'जब मोदी सरकार सदन को बाधित करना चाहती है, तो दुबे को बोलने के लिए खड़ा कर देती है। वहीं, राहुल गांधी को बोलने से रोका जाता है।' उन्होंने यह भी कहा कि यह लोकतंत्र और संसद का अपमान है। प्रियंका ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सांसदों की आवाज दबाना चाहती है, जो करोड़ों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने कहा, 'मोदी सरकार यह दिखाना चाहती है कि संसद में केवल उनकी ही चलती है। यह देश का ध्यान भटकाने का प्रयास है।' प्रियंका ने यह भी कहा कि जब चीन की सेना हमारी सीमाओं पर थी, तब सरकार निर्णय लेने में असमर्थ थी।
