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भाजपा के पुराने नेता चुनावी मैदान में लौटे, अयोध्या से विनय कटियार का ऐलान

भारतीय जनता पार्टी के कई पुराने नेता, जिनमें विनय कटियार और उमा भारती शामिल हैं, चुनावी राजनीति में फिर से सक्रिय हो गए हैं। विनय कटियार ने अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है, जबकि उमा भारती झांसी से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। जानें उनके चुनावी मुद्दे और राजनीतिक गतिविधियों के बारे में।
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भाजपा के पुराने नेता चुनावी मैदान में लौटे, अयोध्या से विनय कटियार का ऐलान

भाजपा में फिर से सक्रिय हो रहे नेता

भारतीय जनता पार्टी के कई नेता, जिन्हें पहले अप्रासंगिक मान लिया गया था, अब फिर से चुनावी राजनीति में सक्रिय हो रहे हैं। इनमें अयोध्या के राम मंदिर आंदोलन से जुड़े नेता भी शामिल हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने घोषणा की है कि वे अगले साल विधानसभा चुनाव में अयोध्या से उम्मीदवार होंगे। यह ध्यान देने योग्य है कि विनय कटियार पिछड़ी जाति से हैं और हिंदुत्व के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। वे मंदिर आंदोलन के दौरान अग्रिम पंक्ति में थे। भाजपा की फैजाबाद लोकसभा सीट पर हार के बाद से उनकी सक्रियता बढ़ी है। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि मंदिर निर्माण और उद्घाटन की प्रक्रिया में उनकी अनदेखी से वे आहत हैं। इसलिए, 70 वर्षीय विनय कटियार ने 2027 में अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। वे फैजाबाद से तीन बार लोकसभा सांसद और दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। उनके चुनावी ऐलान से भाजपा नेतृत्व को चिंता हो सकती है।


उमा भारती का चुनावी ऐलान

उमा भारती, जो मंदिर आंदोलन की एक प्रमुख नेता रही हैं, ने भी चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने 2019 में उत्तर प्रदेश की झांसी सीट से लोकसभा चुनाव जीता था और केंद्र में मंत्री बनी थीं। हालांकि, 2019 में वे चुनाव नहीं लड़ीं और 2024 में भी चुनाव से दूर रहने की बात कही थी। उनकी सेहत को लेकर कुछ चर्चाएं थीं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि वे चुनाव क्यों नहीं लड़ीं। अब, वे फिर से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं और गाय तथा गंगा के मुद्दों पर चुनाव लड़ने का इरादा रखती हैं। उमा भारती ने यह भी कहा है कि वे झांसी से ही चुनाव लड़ेंगी। हाल ही में, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर उन्होंने अपनी पार्टी की सरकार को कठघरे में खड़ा किया और मुआवजे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जान की कीमत दो लाख रुपए नहीं हो सकती।


प्रवीण तोगड़िया की सक्रियता

विनय कटियार और उमा भारती के साथ-साथ मंदिर आंदोलन के एक अन्य प्रमुख चेहरा प्रवीण तोगड़िया भी सक्रिय हो गए हैं। वे देशभर में दौरा कर रहे हैं और लव जिहाद का मुद्दा उठा रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग भी की है। हालांकि, वे चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन उनकी सक्रियता निश्चित रूप से उस समय के नेताओं को एकजुट करने में मदद कर सकती है।