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राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच तीखी बयानबाजी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू पर तीखा हमला करते हुए उन्हें गद्दार कहा। बिट्टू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका देश के दुश्मनों से कोई संबंध नहीं है। इस विवाद के बीच, राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ की किताब को लेकर भी हंगामा खड़ा किया। जानें इस राजनीतिक टकराव की पूरी कहानी और दोनों नेताओं के बीच की बयानबाजी के बारे में।
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राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच तीखी बयानबाजी

राहुल गांधी का केंद्रीय मंत्री पर हमला


कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू पर तीखा हमला किया। उन्होंने बिट्टू को गद्दार करार दिया, जिस पर बिट्टू ने जवाब दिया कि उनका देश के दुश्मनों से कोई संबंध नहीं है। यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेताओं के बीच इस तरह की बयानबाजी हुई है।


बिट्टू की विवादास्पद टिप्पणी

सितंबर 2024 में, बिट्टू ने राहुल गांधी के एक बयान पर विवादित टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल ने सिखों को बांटने की कोशिश की है। बिट्टू ने राहुल को देश का नंबर वन आतंकवादी भी कहा।


संसद में हाथ मिलाने से इनकार

कांग्रेस के कुछ सांसद बजट सत्र के दौरान प्रदर्शन कर रहे थे, तभी राहुल ने रवनीत बिट्टू को देखकर कहा कि एक गद्दार आ रहा है। उन्होंने बिट्टू से हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया और मुस्कुराते हुए कहा कि उनका देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है।


किताब को लेकर हंगामा

राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब संसद में लाकर हंगामा खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री आएंगे, तो वह उन्हें यह किताब देंगे। राहुल ने किताब के एक पन्ने को दिखाते हुए कहा कि इसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री ने आर्मी चीफ से कहा था- जो उचित समझो, वह करो।


रवनीत बिट्टू का राजनीतिक सफर

रवनीत बिट्टू पहले कांग्रेस में थे और 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए। उन्होंने 2009 में आनंदपुर साहिब से लोकसभा के लिए चुनाव लड़ा और तीन बार सांसद बने। हालांकि, 2024 में लुधियाना से चुनाव हारने के बावजूद उन्हें राज्यसभा सदस्य और मंत्री बनाया गया।