राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर किया बड़ा हमला, संसद में हंगामा
संसद में पीएम मोदी का संबोधन टला
नई दिल्ली। आज शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का उत्तर देना था, लेकिन सदन में भारी हंगामे के कारण उनका संबोधन स्थगित कर दिया गया। इस दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी संसद में नहीं आए क्योंकि वह डर गए हैं और सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते।
राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण की एक प्रति लेकर संसद में प्रवेश किया और कहा कि यदि पीएम मोदी सदन में आते हैं, तो वह उन्हें यह पुस्तक भेंट करेंगे।
जैसा मैंने कहा, पीएम मोदी संसद में नहीं आएंगे क्योंकि वो डरे हुए हैं और सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते। pic.twitter.com/1d2UmvR9mz
— राहुल गांधी (@RahulGandhi) February 4, 2026
राहुल ने कहा, "जैसा मैंने कहा कि पीएम मोदी संसद में नहीं आएंगे क्योंकि वो डरे हुए हैं और सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते।" उन्होंने एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने पहले ही कहा था कि पीएम संसद में नहीं आएंगे। वीडियो में वह यह भी कहते सुनाई देते हैं कि अगर पीएम आते तो वह उन्हें एक किताब सौंपते और उस पर चर्चा की मांग करते।
राहुल के हाथ में जो किताब थी, वह 'फोर स्टार ऑफ डेस्टिनी' है, जिसे पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने लिखा है। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि यह किताब अस्तित्व में नहीं है, लेकिन यह रही किताब। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के हर युवा को यह देखना चाहिए कि यह किताब मौजूद है।
लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह राहुल गांधी को बोलने नहीं दे रही है, जिसके कारण सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। तीन बार स्थगन के बाद, जब पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदन की कार्यवाही शुरू की, तो विपक्षी सदस्य तेजी से सदन के बीचों-बीच आ गए और हंगामा करने लगे।
पीठासीन अधिकारी ने भाजपा के पी पी चौधरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के लिए कहा, लेकिन सदन में शोरगुल जारी रहा। उन्होंने बार-बार सदस्यों से शांत रहने का आग्रह किया, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई और अंततः सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
इससे पहले, जब अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही शुरू की, तो विपक्षी सदस्यों ने हंगामा करते हुए नारेबाजी की, जिसके कारण कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
