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PM मोदी का विपक्ष पर तीखा हमला: शायरी में छिपी सच्चाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए शायरी का सहारा लिया। उन्होंने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, और आम आदमी पार्टी को निशाने पर लेते हुए उनकी पुरानी गलतियों को उजागर किया। पीएम ने कहा कि विपक्ष अब उपदेश देने की स्थिति में नहीं है और उनकी राजनीति केवल जेब भरने तक सीमित रही है। जानें इस महत्वपूर्ण भाषण के प्रमुख बिंदु और मोदी का विपक्ष पर हमला।
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PM मोदी का विपक्ष पर तीखा हमला: शायरी में छिपी सच्चाई

राज्यसभा में पीएम मोदी का जवाब


नई दिल्ली: गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का उत्तर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने शायरी के माध्यम से भी तंज कसे और कहा कि आईने में अपनी सच्चाई छिपाना आसान नहीं होगा। पीएम ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और आम आदमी पार्टी सहित सभी विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने घुसपैठियों की रक्षा, बैंकिंग घोटालों और भ्रष्टाचार की राजनीति पर तीखा हमला किया। उनका भाषण सत्ता और विपक्ष के बीच गहरे मतभेदों को उजागर करता है.


शायरी में विपक्ष पर प्रहार

प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए शायरी का सहारा लिया। उन्होंने कहा, "तुम दुनिया को कितना धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे।" यह पंक्ति सुनकर सदन में सन्नाटा छा गया। पीएम ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल अब उपदेश देने की स्थिति में नहीं हैं, उनकी पुरानी गलतियां आज भी सामने आ रही हैं।


टीएमसी पर विशेष हमला

पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस को विशेष रूप से निशाना बनाया। उन्होंने बंगाल सरकार को निर्मम बताया और कहा कि वहां पतन के हर पैमाने पर नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। घुसपैठियों की रक्षा के लिए अदालतों पर दबाव डाला जा रहा है, आदिवासियों की जमीनें छीनी जा रही हैं, और बेटियों की सुरक्षा खतरे में है। फिर भी, वे संसद में उपदेश देने का साहस रखते हैं। पीएम ने सवाल उठाया, "नौजवान ऐसे लोगों को कैसे माफ करेंगे?"


आम आदमी पार्टी पर कटाक्ष

बिना नाम लिए आम आदमी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए पीएम ने कहा कि एक दल की पूरी सरकार शराब में डूबी हुई है। उन्हें 'ब्लैक' शब्द बहुत पसंद है, लेकिन यह समझ नहीं आता कि इसका उनके साथ क्या संबंध है। उन्होंने विपक्षी दलों की पुरानी आदतों पर चोट की और कहा कि हर दल का अपना भूतकाल होता है। डील और घोटालों की चर्चा उनकी पहचान बन चुकी है।


विपक्ष की जेब भरने की राजनीति

पीएम ने कहा कि दशकों तक केंद्र और राज्यों में सत्ता में रहने के बावजूद विपक्षी दलों ने केवल अपनी जेब भरने पर ध्यान केंद्रित किया। बोफोर्स जैसी डीलें याद आती हैं। लोगों के जीवन में बदलाव लाना उनकी प्राथमिकता कभी नहीं रही। कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और वाम दलों पर एक साथ हमला करते हुए उन्होंने कहा कि विकास उनकी सोच से परे था।


बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति

पीएम मोदी ने यूपीए सरकार के दौरान बैंकिंग व्यवस्था को संकट में बताया। उस समय फोन बैंकिंग का चलन था, जिसमें नेताओं के फोन पर करोड़ों रुपये लुटाए जाते थे। गरीबों को बैंक से बाहर किया जाता था, जबकि नेता अरबों रुपये अपने लोगों को दे देते थे। 2014 से पहले अर्थव्यवस्था की रीढ़ कमजोर हो चुकी थी, लेकिन अब सुधार हो रहे हैं।