अभिजीत दीपके: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक की कहानी
अभिजीत दीपके का परिचय
नई दिल्ली। अभिजीत दीपके, जो 30 वर्ष के हैं, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर के निवासी हैं। पिछले दो वर्षों से वे अमेरिका में निवास कर रहे हैं। एक साक्षात्कार में, उन्होंने बताया कि उन्होंने पुणे से स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। प्रारंभ में, वे आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे और वहां उन्होंने पार्टी की संचार टीम में कार्य किया। इस दौरान, उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें और अध्ययन की आवश्यकता है, जिसके बाद उन्होंने मास्टर्स की तैयारी शुरू की। उन्हें बोस्टन यूनिवर्सिटी से आमंत्रण मिला, जहां उन्होंने पब्लिक रिलेशन्स में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। सूत्रों के अनुसार, अभिजीत ने 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम में काम किया और 2023 में वे अपने गृहनगर लौट आए। उन्होंने बताया कि वे पार्टी के स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दों से प्रभावित थे, जो भारतीय राजनीति में एक नई दिशा थी।
सीजेपी की स्थापना से पहले का सफर
अभिजीत दीपके ने सीजेपी बनाने से पहले सोशल मीडिया पर काफी सक्रियता दिखाई। उनके राजनीतिक विचारों को समझने के लिए, आप उनके पुराने पोस्ट देख सकते हैं, जहां उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की है। इसके अलावा, उन्होंने नीट पेपर लीक, छात्रों की मौत, पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में वृद्धि, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी अपने विचार साझा किए हैं। एक पोस्ट में, उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दलों ने बीजेपी को 2024 के लोकसभा चुनावों में बहुमत हासिल नहीं करने दिया।
कॉकरोच जनता पार्टी की यात्रा
अभिजीत ने मीडिया को बताया कि उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश का एक बयान देखा, जिसमें उन्होंने युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से की थी। यह बयान उन्हें हास्यास्पद लगा, क्योंकि सीजेआई को संविधान का संरक्षक माना जाता है। अभिजीत ने इस पर अपनी राय ट्विटर पर साझा की और पूछा कि यदि सभी कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा। इस सवाल ने उन्हें जेन ज़ी और 25 वर्ष तक के युवाओं से शानदार प्रतिक्रियाएं प्राप्त कीं, जिसके बाद उन्होंने एक प्लेटफ़ॉर्म बनाने का विचार किया। इस प्रकार, उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' की स्थापना की।
उन्होंने इस पार्टी में शामिल होने के लिए कुछ पात्रताएं निर्धारित कीं, जैसे आलसी होना, बेरोजगार होना और ऑनलाइन सक्रिय रहना। हालांकि, कुछ आलोचक इसे विपक्ष से जुड़ा एक ऑनलाइन राजनीतिक नाटक मानते हैं और दीपके के आम आदमी पार्टी से पूर्व संबंधों को लेकर सवाल उठाते हैं।
