अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का वीजा नियमों में बदलाव पर बयान
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने दिल्ली में वीजा नियमों में हालिया बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने भारतीय प्रवासियों के योगदान की सराहना की और कहा कि ये बदलाव केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर लागू होंगे। उन्होंने अमेरिका में अवैध प्रवासन की चुनौतियों का भी उल्लेख किया और कहा कि सुधार की प्रक्रिया में कुछ कठिनाइयाँ आ सकती हैं। रूबियो का मानना है कि अंततः यह एक बेहतर और अधिक कुशल वीजा प्रणाली की ओर ले जाएगा।
| May 24, 2026, 14:22 IST
भारतीय प्रवासियों का योगदान
हाल ही में वीजा नियमों में बदलाव के संदर्भ में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने दिल्ली में अपने विचार साझा किए। उन्होंने भारतीय प्रवासियों के अमेरिकी अर्थव्यवस्था में योगदान की सराहना की। रूबियो ने कहा, "मैं सबसे पहले भारतीयों के योगदान को मान्यता देता हूं। भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है, और हम चाहते हैं कि यह निवेश बढ़ता रहे।"
वैश्विक बदलाव की आवश्यकता
वीजा नियमों में हो रहे परिवर्तनों को स्पष्ट करते हुए रूबियो ने कहा, "हमारी इमिग्रेशन प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए जो परिवर्तन किए जा रहे हैं, वे केवल भारत के लिए नहीं हैं। यह एक वैश्विक परिवर्तन है, जो पूरी दुनिया में लागू किया जा रहा है। वास्तव में, हम अपनी वीजा और इमिग्रेशन व्यवस्था में सुधार कर रहे हैं।"
अवैध प्रवासन की चुनौती
रूबियो ने अमेरिका की वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका इस समय प्रवासन के एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। यह संकट भारत के कारण नहीं है, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में 2 करोड़ से अधिक लोग अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश कर चुके हैं। हमें इस बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है।"
राष्ट्रीय हित में नीतियों का निर्माण
उन्होंने कहा कि किसी भी देश की नीतियां उसके राष्ट्रीय हित में होनी चाहिए, जिसमें इमिग्रेशन नीति भी शामिल है। रूबियो ने कहा, "मेरा मानना है कि अमेरिका प्रवासियों का स्वागत करने में सबसे अच्छा देश है। हर साल लगभग दस लाख लोग अमेरिका के स्थायी निवासी बनते हैं। मेरे माता-पिता 1956 में क्यूबा से अमेरिका आए थे। यह प्रक्रिया हमारे देश को मजबूत और समृद्ध बनाने में सहायक रही है।"
बदलाव के दौरान चुनौतियाँ
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रणाली को आधुनिक समय की आवश्यकताओं के अनुसार ढालना आवश्यक है और यह सुधार पहले से ही जरूरी था। अमेरिका एक ऐसी प्रणाली विकसित कर रहा है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि देश में कितने लोग आएंगे, कौन आएगा और कब आएगा। रूबियो ने स्वीकार किया कि किसी भी सुधार के दौरान प्रारंभिक चरण में कुछ रुकावटें और चुनौतियाँ आ सकती हैं।
बेहतर और कुशल प्रणाली का लक्ष्य
अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नया नियम केवल भारत के लिए नहीं है, बल्कि इसे विश्व स्तर पर समान रूप से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं और किसी भी परिवर्तन के साथ उतार-चढ़ाव आते हैं। लेकिन हमारा लक्ष्य एक बेहतर, अधिक कुशल और मजबूत वीजा प्रणाली बनाना है, जो पूर्व की व्यवस्था से कहीं अधिक प्रभावी होगी।
