मुख्यमंत्री मान ने रिवायती पार्टियों पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप
मुख्यमंत्री का बयान
कहा, भाजपा ने किसान विरोधी कानून थोपे, अकालियों ने धर्म का दुरुपयोग किया, कांग्रेस पंजाब में नाकाम साबित हुई
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर से पारंपरिक राजनीतिक दलों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पंजाब के लोगों को अपने स्वार्थ के लिए धोखा दिया है। मान ने कहा कि इन दलों के प्रतिनिधियों का मुख्य उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना और अपने निजी लाभों की पूर्ति करना था।
यह बयान उन्होंने रोपड़ जिले के गांव बड़वा में एक जनसभा के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने 2022 में 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को सत्ता से बाहर करके ईमानदार सरकार में विश्वास जताया है।
पंजाब के विकास का नहीं था इनका एजेंडा
कांग्रेस, भाजपा और अकालियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन दलों के पास पंजाब के विकास का कोई ठोस योजना नहीं है। इनकी रुचि केवल सत्ता में बने रहने और निजी स्वार्थों में है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार की सफलता को पचा नहीं पा रहे हैं। अब करदाताओं का पैसा लोक कल्याण में खर्च किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा ने किसान विरोधी कानून लागू किए और अकालियों ने राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि नया अकाली-भाजपा गठबंधन केवल सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रहा है, जिसे पंजाब के लोग अस्वीकार कर देंगे।
आप ने पारंपरिक नेताओं में डर पैदा किया
मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी उन पारंपरिक राजनीतिक दलों के नेताओं में डर पैदा कर रही है, जिन्होंने दशकों तक अपने स्वार्थ के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया। भाजपा द्वारा लागू किए गए किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसान शहीद हुए थे। यह सच है कि भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है। अब ये दल धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नए गठबंधन पर तीखा तंज करते हुए कहा कि यह गठबंधन दोनों दलों के लिए राजनीतिक रूप से विनाशकारी साबित होगा, क्योंकि यह न तो किसी विचारधारा पर आधारित है और न ही लोक कल्याण के प्रति किसी प्रतिबद्धता पर।
