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विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाई

विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने हाल ही में दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया गया। बैठक में महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। सभी पार्टियों ने तय किया कि हर दो महीने में बैठकें आयोजित की जाएंगी और अगली बैठक 8 अगस्त को होगी। इस दौरान, नीट यूजी के पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी मांगा गया। जानें इस बैठक में और क्या महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
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विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाई

विपक्षी पार्टियों की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय


नई दिल्ली में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के सदस्यों ने केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया है। सोमवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित बैठक में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण, महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर एकजुट होकर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।


बैठक में कुछ मतभेद भी सामने आए। सीपीएम ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन पर राहुल गांधी के बयान को उठाया, जिस पर राहुल ने स्पष्ट किया कि उनका बयान राजनीतिक संदर्भ में था। बैठक से पहले सोनिया गांधी और ममता बनर्जी ने एक-दूसरे से गले मिले, जबकि सीपीआई माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि संकट के इस समय में विपक्षी गठबंधन ममता बनर्जी के साथ खड़ा रहेगा।


इस बैठक में यह तय किया गया कि अब हर दो महीने में ऐसी बैठकें आयोजित की जाएंगी। अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में होगी। एसआईआर के मुद्दे पर चीफ जस्टिस को पत्र लिखने का निर्णय लिया गया है। विपक्ष ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। इसके अलावा, नीट यूजी के पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी मांगा गया है। सभी पार्टियों ने संसद के मानसून सत्र में प्रतिदिन बैठक करने का निर्णय लिया है।


सोमवार की बैठक 'इंडिया' ब्लॉक की सातवीं बैठक थी, जिसमें 25 दलों के नेता शामिल हुए। इस बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, कपिल सिब्बल जैसे कई प्रमुख नेता उपस्थित थे। उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन मुद्दों की जानकारी दी जिन पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि नीट यूजी के छात्रों के साथ धोखा हुआ है और नीट व सीबीएसई की परीक्षा में गड़बड़ी के लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार हैं।


बैठक से पहले दिल्ली की अकबर रोड पर कुछ पोस्टर लगाए गए थे, जिनका स्रोत अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। इन पोस्टरों में 'इंडिया' ब्लॉक के अंदरूनी विभाजन को दर्शाया गया था, जिसमें राहुल गांधी की तस्वीर और सहयोगी पार्टियों के नेताओं के खिलाफ दिए गए बयान शामिल थे। दोपहर में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ये पोस्टर हटा दिए। शरद पवार का भी एक बयान पोस्टर में था, लेकिन उन्होंने कहा कि वर्तमान में विपक्षी ब्लॉक के सभी दलों को एकजुट रखना सबसे महत्वपूर्ण है।