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शादी की रात गायब हुआ दूल्हा: हरिद्वार में मिला, जानें क्या हुआ

मेरठ में एक दूल्हा शादी की पहली रात अचानक गायब हो गया था, जिससे उसके परिवार में चिंता का माहौल था। तीन दिन बाद, वह हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित मिला। इस घटना के पीछे की कहानी जानें, जिसमें दूल्हे ने बताया कि वह घबरा गया था और बिना सोचे-समझे हरिद्वार चला गया। परिवार ने उसकी सुरक्षित वापसी पर राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया।
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शादी की रात गायब हुआ दूल्हा: हरिद्वार में मिला, जानें क्या हुआ

उत्तर प्रदेश में दूल्हे की रहस्यमय गुमशुदगी


उत्तर प्रदेश: मेरठ में एक युवक शादी की पहली रात अचानक लापता हो गया, लेकिन अब उसके सुरक्षित मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली है। तीन दिन की चिंता और खोज के बाद, युवक हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पास मिला, जहां पुलिस ने उसे बरामद कर परिवार को सौंप दिया। आइए जानते हैं इस घटना के पीछे की कहानी।


सुहागरात पर गायब हुआ दूल्हा

मेरठ के सरधना क्षेत्र के ऊंचापुर निवासी मोहसिन उर्फ मोनू (26 वर्ष) 27 नवंबर की रात अचानक घर से निकल गया। उसने परिवार से कहा कि वह 'बल्ब खरीदने' जा रहा है, लेकिन देर रात तक वापस न लौटने पर परिवार को चिंता होने लगी।


परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उसकी खोज शुरू की। CCTV फुटेज में वह गंगा नहर के पास दिखाई दिया, जिससे परिवार को यह डर सताने लगा कि कहीं उसने नहर में कूदकर आत्महत्या तो नहीं कर ली।


हरिद्वार से मिली फोन कॉल

जब परिवार ने लगभग उम्मीद छोड़ दी थी, तभी सोमवार को एक फोन कॉल ने सबकी चिंता दूर कर दी। मोहसिन ने हरिद्वार में एक राहगीर के फोन से अपने पिता को कॉल किया और बताया कि वह सुरक्षित है और घर लौटना चाहता है।


सूचना मिलते ही मेरठ पुलिस उसके पिता और अन्य रिश्तेदारों के साथ हरिद्वार पहुंची।


रेलवे स्टेशन के पास मिला युवक

सरधना के SHO दिनेश प्रताप सिंह के अनुसार, मोहसिन हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पास घूमता हुआ मिला। पुलिस ने उसे हल्की पूछताछ के लिए बुलाया, जिसमें उसने बताया कि शादी की रात वह अचानक घबरा गया था और बिना सोचे-समझे हरिद्वार जाने वाली बस में बैठ गया।


उसने तीन दिन और रातें स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर बिताईं। कुछ दोस्तों ने उसे खाने के लिए मदद भी की। पुलिस का कहना है कि युवक मानसिक रूप से थोड़ा असहज दिखाई दे रहा था और ज्यादा बात नहीं कर रहा था।


परिवार को सौंपा गया युवक

सर्किल ऑफिसर आशुतोष ने बताया कि मोहसिन को सुरक्षित उसके परिवार के हवाले कर दिया गया है। पुलिस का मानना है कि यह पूरी घटना उसकी व्यक्तिगत मानसिक स्थिति से जुड़ी थी, जिसमें किसी कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। तीन दिनों की अनिश्चितता और डर के बाद, परिजनों ने उसकी सुरक्षित वापसी पर चैन की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया।