छग विधानसभा- बिना जल स्रोत के ही जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के 653 गांव में पाइप लाइन बिछाने को लेकर सदन में हंगामा
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छत्तीसगढ़, 27 फ़रवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल और राज्यपाल के अभिभाषण में चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई। कुंभ स्नान, हज यात्रा जैसे धर्मिक विषयों पर हंगामा हुआ।वहीं प्रश्नकाल में बिना जल स्रोत के ही जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के 653 गांव में पाइप लाइन बिछानेऔर पानी टंकी बनाने को लेकर सत्ता पक्ष के विधायक अजय चंद्राकर ने अपनी ही सरकार के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और मंत्री विभागीय मंत्री अरुण साव को घेरा। इस मुद्दे पर संतोषजनक जवाब ना मिलने पर कांग्रेस ने भी बर्हिगमन किया।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने मंत्री अरुण साव से पूछा कि उक्त योजनांतर्गत ऐसे कितने ग्रामों के घरों में, कितनी लागत का नल कनेक्शन लगाया जा चुका है, जहां जल स्त्रोत विहीन हैं? क्या इन स्थानों में नल कनेक्शन से संबंधित कार्य पूर्ण करने के पूर्व जल स्त्रोत का परीक्षण कराया गया था? यदि हां, तो ऐसी स्थिति में किसके निर्देश पर कनेक्शन लगाने की मंजूरी दी गयी? यदि परीक्षण नहीं किया गया है तो किस आधार पर नल कनेक्शन लगाया गया?
इस सवाल पर उप मुख्यमंत्री (लोक निर्माण) अरूण साव ने बताया कि, जल जीवन मिशन अंतर्गत प्रदेश के कुल 19656 ग्रामों में 50.03 लाख घरों में नल कनेक्शन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य के अनुरूप 19656 ग्रामों के 44 लाख 37 हजार घरों में नल कनेक्शन कार्य पूर्ण/अपूर्ण / प्रगतिरत/अप्रारंभ की स्थिति में है। इस योजनांर्तगत स्त्रोत विहीन व पर्याप्त जल स्त्रोत विहीन 3907 ग्रामों के 808411 घरों में नल कनेक्शन लगाये गये। लागत रू. 208666.7 लाख आया। जिला जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा यह कार्य स्वीकृत किये गये। जल स्त्रोत विहीन व पर्याप्त जल स्त्रोत विहीन ग्रामों में कार्यरत एजेंसियों के नाम, मालिक का नाम व पता सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र अनुसार है।
भाजपा विधायक चंद्राकर ने मंत्री से पूछा उन गांव में जहां जलस्रोत नहीं है वहां टंकी बनाकर पाइप लाइन बिछाई गई है, यह तो खुला करप्शन है। विधायक ने पूछा कि क्या गड़बड़ी करने वाले अफसर व ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। विधायक के जवाब में मंत्री ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि मामले में किसी भी ठेकेदार का 70 फीसदी से ज्यादा भुगतान नहीं होगा। जब तक योजना पूर्ण नहीं हो जाती, किसी भी ठेकेदार का भुगतान नहीं होगा। साथ ही साथ वैसे अधिकारी, जिन्होंने बिना जल स्रोत के ही टंकी बनायी और पाइप लाइन बिछवायी, उन सभी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
इस मुद्दे पर विपक्ष के विधायकों ने भी मंत्री को घेरने का प्रयास किया और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सदन से बहिर्गमन भी किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा