Newzfatafatlogo

बजट बहस पर दीया कुमारी का जवाब : प्रदेश के हर वर्ग का समर्थन मिला, कई अहम घोषणाएं

 | 
बजट बहस पर दीया कुमारी का जवाब : प्रदेश के हर वर्ग का समर्थन मिला, कई अहम घोषणाएं


जयपुर, 27 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने गुरुवार को विधानसभा में बजट पर हुई बहस का जवाब देते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि ‘मां योजना’ के तहत अब स्किन ट्रांसप्लांट संभव होगा, साथ ही रोबोटिक सर्जरी और नए मेडिकल पैकेज जोड़े जाएंगे। प्रदेश में युवाओं के लिए अगले साल ‘यूथ फेस्टिवल’ और ‘राजस्थान डीजी फेस्ट’ का आयोजन किया जाएगा, जबकि स्कूल-कॉलेजों में नए संकाय खोले जाएंगे। अजमेर में नया मल्टी स्टेडियम बनाया जाएगा और अगले साल से अटल इनोवेशन अवॉर्ड देने की भी घोषणा की गई है।

दीया कुमारी ने कहा कि बजट को प्रदेश के हर वर्ग का समर्थन मिला है और सरकार सबका साथ, सबके विकास की नीति पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें बजट की आलोचना के लिए ज्यादा मुद्दे नहीं मिले। विपक्ष द्वारा प्रदेश को कर्ज में डुबाने के आरोप को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने राजस्थान को कर्ज में डुबोया, जबकि भाजपा सरकार इस कर्ज को उतारने के लिए काम कर रही है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलावों की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि ‘मां योजना’ के तहत स्किन ट्रांसप्लांट संभव होगा और इस योजना में रोबोटिक सर्जरी के साथ 14 नई उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाएं जोड़ी जाएंगी। प्रदेश के संभागीय मेडिकल कॉलेजों में 16 नए पैरामेडिकल कोर्स शुरू किए जाएंगे। अस्पतालों के बेहतर प्रबंधन के लिए अलग से ‘हॉस्पिटल मैनेजर्स’ का कैडर बनाया जाएगा, जिससे अस्पतालों के संचालन में सुधार होगा। राजस्थान डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत आईपीडी मरीजों के लिए ‘सिंगल विंडो रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ लागू किया जाएगा, जिससे मरीजों को इलाज के दौरान अधिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्थानीय पेंटिंग्स बनाई जाएंगी, जिसके लिए 35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आपदा राहत की तैयारियों को मजबूत करने के लिए 55 क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल उपलब्ध कराए जाएंगे। बीकानेर और बांसवाड़ा सहित नए शहरी निकायों में अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिस पर 1050 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शाहपुरा में इंडस्ट्रियल पार्क बनाया जाएगा और लालसोट में वुड पार्क की स्थापना होगी। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए विशेष टॉयलेट्स बनाए जाएंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कहा कि अगले साल 5000 आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत कराई जाएगी। राज्य के 3236 छोटे बांधों को पंचायत से जल संसाधन विभाग को ट्रांसफर किया जाएगा और सिंचाई सुविधाओं के लिए 240 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य किए जाएंगे। पीने के पानी की आपूर्ति के लिए 330 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाएं लागू की जाएंगी। प्रदेश में सड़कों के मरम्मत और उन्नयन कार्यों पर 1870 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार ने प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन को लेकर विशेष योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत प्लास्टिक कचरा इकट्ठा करने के लिए एक योजना चलाई जाएगी और प्लास्टिक बैग की जगह कपड़े के बैग वितरित किए जाएंगे।

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में घोषणाएं केवल कागजी होती थीं और उनमें से आधी भी पूरी नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। नरेगा में श्रम लागत के लिए 7000 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है और कृषि बजट में 14.67 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

ऊर्जा क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान में बिजली उत्पादन क्षमता को 26 हजार 300 मेगावाट तक बढ़ा दिया गया है और इसे और अधिक बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। कांग्रेस सरकार के दौरान ध्यान बिजली उत्पादन से ज्यादा बिजली खरीदने पर था, लेकिन भाजपा सरकार ने सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर प्लांट लगाने पर 150 यूनिट बिजली मुफ्त देने की योजना बनाई है। इससे लंबे समय में घरेलू उपभोक्ताओं को दी जा रही सब्सिडी का भार सरकार पर नहीं पड़ेगा।

रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अब तक 59 हजार से ज्यादा नियुक्तियां दे चुकी है और 1 लाख 73 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। कांग्रेस सरकार की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चुनावी साल में लोकलुभावन कर्ज नहीं ले रही, बल्कि कर्ज का 59 प्रतिशत उपयोग एसेट निर्माण में किया जा रहा है। सरकार का कर्ज जीएसडीपी की अनुमानित सीमा के भीतर है और कांग्रेस शासन की तुलना में कम है।

वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने राजकोषीय घाटे को एफआरबीएम एक्ट की सीमा में रखा है। चिकित्सा क्षेत्र में राजस्थान सरकार अन्य राज्यों की तुलना में अधिक निवेश कर रही है। 2025-26 के लिए चिकित्सा क्षेत्र का बजट 8 प्रतिशत से अधिक निर्धारित किया गया है, जबकि शिक्षा क्षेत्र में 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया गया है।

दीया कुमारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के पांच साल पर भाजपा सरकार का एक साल भारी पड़ा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन तीन-तीन महीने तक बकाया रहती थी, जबकि भाजपा सरकार ने जनवरी तक की सभी पेंशन का भुगतान कर दिया है।

लैंड पुलिंग और एसेट मोनेटाइजेशन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इससे सरकार को 4700 करोड़ रुपये की आय होगी और इसका मतलब प्रदेश की संपत्तियों को बेचना नहीं, बल्कि संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करना है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कम ब्याज दर पर फंड की व्यवस्था कर रही है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

उन्होंने विपक्ष के नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ वे सरकार पर एमओयू धरातल पर नहीं उतारने का आरोप लगाते हैं, वहीं जब विकास कार्य हो रहे हैं तो सवाल उठाते हैं। कांग्रेस सरकार ने चुनावी साल में जितना काम किया था, भाजपा सरकार ने उससे अधिक पहले ही साल में कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान वित्तीय कुप्रबंधन चरम पर था और भाजपा सरकार वित्तीय अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर