ममता बनर्जी का भाजपा पर आरोप – फर्जी वोटरों के जरिए चुनाव जीतने की साजिश, चुनाव आयोग के खिलाफ धरने की चेतावनी
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कोलकाता, 27 फरवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी चुनाव जीतने के लिए फर्जी वोटरों का सहारा ले रही है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली और महाराष्ट्र चुनाव में भी भाजपा ने इसी तरह से हरियाणा और गुजरात के मतदाताओं को जोड़कर जीत हासिल की थी और अब वही रणनीति बंगाल में अपनाई जा रही है।
कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में तृणमूल कांग्रेस के राज्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग की मदद से मतदाता सूची में हेरफेर कर रही है। उन्होंने नव नियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि अगर मतदाता सूची में गड़बड़ी को ठीक नहीं किया गया तो तृणमूल चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर धरना देगी। उन्होंने कहा कि अगर मैंने 2006 में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ 26 दिन की भूख हड़ताल की थी, तो हम चुनाव आयोग के खिलाफ भी आंदोलन कर सकते हैं। जरूरत पड़ी तो हम अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे मतदाता सूची की जांच शुरू करें। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग के समर्थन से मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़े हैं।
उन्होंने कहा कि बूथ स्तर के कार्यकर्ता तुरंत मतदाता सूची की जांच शुरू करें। जिलाध्यक्षों को इसकी निगरानी करनी होगी और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट देनी होगी।
ममता बनर्जी ने एक सूची दिखाते हुए कहा कि मेरे पास सभी जिलों से सबूत हैं। देखिए, हरियाणा और गुजरात के लोगों के नाम बंगाल के मतदाता सूची में जोड़े गए हैं। यही नहीं, कई जगहों पर एक ही ईपीआईसी (चुनावी फोटो पहचान पत्र) नंबर पर अलग-अलग राज्यों के नाम दर्ज हैं। यह मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर है।
उन्होंने कहा कि भाजपा उन सीटों पर मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रही है जहां 2021 के विधानसभा चुनाव में वह कम अंतर से हारी थी।
भाजपा को चुनौती देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि दिल्ली और महाराष्ट्र की पार्टियां इसे पकड़ नहीं पाईं, लेकिन हमने इसे पकड़ लिया है। अब भाजपा बंगाल में यही रणनीति अपना रही है, लेकिन हम इसे सफल नहीं होने देंगे। एक बार फिर 'खेला होबे'। मैं कार्यकर्ताओं से कहती हूं कि इस बार और भी जोरदार मुकाबला करें।
ममता बनर्जी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो तृणमूल चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि पहले मैं चुनाव आयोग का सम्मान करती थी, लेकिन अब इसमें भाजपा के करीबी लोग भर दिए गए हैं। नए मुख्य चुनाव आयुक्त पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत सहकारिता विभाग के सचिव थे। अगर जरूरत पड़ी तो हम दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर भी प्रदर्शन करेंगे।
ममता बनर्जी ने तृणमूल के प्रदेश अध्यक्ष सुु्ब्रत बख्शी को निर्देश दिया कि वे अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन, सुदीप बनर्जी और अन्य सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और पार्टी नेताओं की एक समिति बनाएं, जो हर ब्लॉक में मतदाता सूची की जांच करेगी।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की जांच शुक्रवार से शुरू होगी और इसे 10 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर