शिमला नगर निगम का 188.35 करोड़ का बजट पेश, पिछले वर्ष से 59 करोड़ घटा इस बार का बजट
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शिमला, 27 फ़रवरी (हि.स.)। नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान ने गुरूवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 188.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। खास बात यह है कि इस बार का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 59 करोड़ रुपये कम है। बीते वित्त वर्ष 2024-25 में निगम का बजट 247.25 करोड़ रुपये था।
महापौर ने कहा कि इस बार का बजट शिमला शहर के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसमें आमदनी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
व्यावसायिक शुल्क से बढ़ाई जाएगी आय
इस बार नगर निगम ने हजारों रिहायशी भवनों में संचालित दुकानों और ढाबों से व्यावसायिक शुल्क वसूलने का फैसला लिया है। महापौर ने कहा कि इससे नगर निगम की आय में बढ़ोतरी होगी और शहर की सुविधाओं में सुधार किया जा सकेगा। बजट में नए करों का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है लेकिन पहले से तय प्रॉपर्टी टैक्स और कूड़ा प्रबंधन शुल्क में बढ़ोतरी संभव है।
शहर के विकास के लिए कई योजनाएं
महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि आगामी वित्त वर्ष में शहर में कई विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। इनमें बहुउद्देश्यीय मॉल और संजौली में 15 करोड़ रुपये की लागत से वेंडिंग ज़ोन का निर्माण। शहर में अर्ली वार्निंग सेंटर की स्थापना ताकि आपदा के समय त्वरित अलर्ट जारी किया जा सके। रिवोली के पास वेस्ट वंडर ज़ोन और नए साइकिल ट्रैक का निर्माण। नगर निगम का अपना गेस्ट हाउस बनाने की योजना। शहर में 1,000 नई स्ट्रीट लाइट लगाने और 5,000 नए वृक्ष लगाने का लक्ष्य और शहर में नशे के खिलाफ अभियान चलाने की योजना शामिल है।
महापौर ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार से 32 करोड़ रुपये की ग्रांट भी मिलने की उम्मीद है जिससे बजट में और मजबूती आएगी। उन्होंने भाजपा द्वारा किए गए बजट विरोध को राजनीतिक करार देते हुए कहा कि यह बजट पूरी तरह से शिमला के लोगों के हित में है।
विपक्ष ने बताया बजट को पुरानी योजनाओं की नकल
इस बीच नगर निगम में भाजपा के पार्षदों ने इस बजट को पिछले साल के बजट की नकल करार दिया। विपक्ष की ओर से रुलदुभट्टा वार्ड की पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि इस बजट में कोई नई योजना नहीं है और इसे केवल लोकलुभावन तरीके से पेश कर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
भाजपा पार्षदों ने शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई नई घोषणा न होने पर भी सवाल उठाया। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जून 2024 तक शिमला को 24 घंटे पानी आपूर्ति देने का वादा किया गया था लेकिन नए बजट में इसका कोई जिक्र तक नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा