नारनौलः सरकार की नई पेयजल नीति ग्रामीण हितैषीः फूल सिंह
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नारनाैल, 27 फ़रवरी (हि.स.)। नारनौल खंड की ग्राम पंचायतों के लिए गुरूवार को निजामपुर रोड स्थित बाल भवन में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था की नई संचालन एवं रखरखाव नीति संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया। इसमें नारनौल खंड की 52 ग्राम पंचायतों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में कार्यकारी अभियंता फूल सिंह तंवर ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की जबकि अध्यक्षता जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने की।
फूल सिंह तंवर ने सभी ग्राम सरपंचों से अपील की कि सरकार की इस जनभागीदारी नई पेयजल संचालन एवं रखरखाव नीति को अपनाएं ताकि इस नीति के तहत गांव की तस्वीर बदली जा सकें। उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य है कि हर ग्रामीण के घर तक साफ और सुरक्षित पेयजल पंचायत की भागीदारी के साथ सही समय पर पहुंचाना है जिससे प्रत्येक परिवार को स्वच्छ जल मिल सके। इस नीति के तहत ग्राम पंचायत और समिति को जल प्रबंधन का अधिकार दिया गया है और साथ ही जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पंचायत विभाग व जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई है।
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने पेयजल व्यवस्था की नई संखलन व रखरखाव नीति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस नीति के तहत अब ग्राम पंचायतें सरकारी जन भागीदारी सुनिश्चित करें ताकि जल जीवन मिशन के उद्देश्य को निरंतर सफल बनाया जा सके। इस कार्यक्रम के तहत ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का कार्य अहम रहेगा वहीं महिला सशक्तिकरण के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक स्वयं सहायता समूह की महिला को जल जीवन मिशन के साथ जोड़ा जा रहा है। जो गांव में नल कनेक्शन देने, पेयजल बिल एकत्रित करने व पानी की जांच करने का कार्य भी करेगी।
उपमंडल अभियंता मुकेश कुमार ने जल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जल के बिना जीवन संभव नहीं है। इसे व्यर्थ होने से बचाएं। उन्होंने कहा कि नारनौल खंड में पेयजल संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए विभाग के टॉल फ्री नंबर 1800 180 5678 पर फोन कर सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला