अमृतसर एयरपोर्ट पर तकनीकी समस्या से यात्रियों को हुई असुविधा
अमृतसर में एयरपोर्ट पर तकनीकी गड़बड़ी
अमृतसर: पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देर रात एक तकनीकी समस्या के चलते यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इमिग्रेशन सिस्टम में आई गड़बड़ी के कारण सामान्य जांच प्रक्रिया बाधित हो गई, जिससे एयरपोर्ट पर लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों में बेचैनी बढ़ गई। कुछ समय के लिए वहां अव्यवस्था का माहौल बन गया। एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत तकनीकी टीम को सक्रिय किया और समस्या के समाधान के लिए प्रयास शुरू कर दिए। बाद में सिस्टम बहाल होने के साथ स्थिति सामान्य हो गई।
देर रात अचानक इमिग्रेशन सिस्टम में आई गड़बड़ी के कारण यात्रियों की जांच प्रक्रिया धीमी पड़ गई। सामान्य रूप से होने वाली औपचारिकताएं प्रभावित होने लगीं और यात्रियों को निर्धारित समय से अधिक इंतजार करना पड़ा। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, एयरपोर्ट परिसर में चिंता और असंतोष का माहौल भी दिखाई देने लगा।
लंबी कतारों से बढ़ी चिंता
तकनीकी समस्या के चलते कई यात्रियों को अपनी उड़ानों को लेकर चिंता सताने लगी। कुछ यात्रियों ने देरी को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। चेकिंग प्रक्रिया प्रभावित होने के कारण टर्मिनल क्षेत्र में लंबी कतारें दिखाई दीं। कई लोग लगातार अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेने की कोशिश करते रहे, जबकि कुछ यात्री अपने यात्रा कार्यक्रम को लेकर परेशान नजर आए।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ती देख एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए। तकनीकी विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया गया और सिस्टम को दोबारा सुचारू बनाने के प्रयास शुरू किए गए। अधिकारियों ने यात्रियों को स्थिति की जानकारी देने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की भी मदद ली। इससे धीरे-धीरे हालात नियंत्रण में आने लगे।
देर रात तक चला सुधार कार्य
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार तकनीकी समस्या रात करीब 11 से 12 बजे तक बनी रही। इस दौरान लगातार सिस्टम की जांच और सुधार का काम चलता रहा। टीम की मेहनत के बाद गड़बड़ी को दूर कर लिया गया और इमिग्रेशन प्रक्रिया को दोबारा सामान्य रूप से शुरू किया गया। इसके बाद यात्रियों की आवाजाही भी धीरे-धीरे सामान्य हो गई।
एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल सभी सेवाएं पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो रही है और नियमित संचालन जारी है। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए तकनीकी निगरानी को और मजबूत करने तथा सिस्टम की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
