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पंजाब में 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता का किया दावा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का दावा किया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियां अब केवल योग्यता और मेहनत के आधार पर दी जा रही हैं। साथ ही, उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताई और बताया कि उनकी सरकार के गठन के बाद से पंजाब में एक भी पेपर लीक का मामला नहीं आया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में सुधारों और ठेका कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। जानें और क्या कहा उन्होंने इस समारोह में।
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पंजाब में 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता का किया दावा

मुख्यमंत्री भगवंत मान का नियुक्ति पत्र वितरण समारोह


चंडीगढ: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि उनकी सरकार के गठन के बाद से राज्य में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष रही है। इन नई नियुक्तियों के साथ, मार्च 2022 से अब तक पंजाब सरकार द्वारा दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 67,037 हो गई है।


नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरियां अब केवल योग्यता, मेहनत और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के आधार पर दी जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिफारिश, राजनीतिक दबाव और भ्रष्टाचार के लिए अब भर्ती प्रक्रिया में कोई स्थान नहीं है।


मुख्यमंत्री ने पेपर लीक पर चिंता जताई

मुख्यमंत्री ने आगे क्या कहा?


मुख्यमंत्री ने देश में पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से अब तक देशभर में 93 परीक्षा पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि नीट जैसी घटनाओं ने लाखों युवाओं का विश्वास प्रभावित किया है। इसके विपरीत, पंजाब में 2022 में उनकी सरकार बनने के बाद से एक भी पेपर लीक का मामला नहीं आया है।


भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार युवाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने राज्य में बेहतर भविष्य बनाने के अवसर भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के विदेश पलायन को रोकने और उन्हें अपने प्रदेश में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।


ठेका कर्मचारियों की सेवाओं का नियमितीकरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने लगभग 65,000 ठेका कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की है। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों ने वर्षों तक पंजाब की सेवा की है और अब उन्हें रोजगार में स्थिरता, सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में कर्मचारियों और सरकार के बीच ठेकेदार की भूमिका समाप्त की जाएगी।


शिक्षा क्षेत्र में सुधार

शिक्षा क्षेत्र में क्या-क्या हुए सुधार?


शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने दावा किया कि राज्य, जो पहले राष्ट्रीय रैंकिंग में काफी पीछे था, अब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं, बेहतर बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षित शिक्षकों के कारण शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, जहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नीट, जेईई, सीएलएटी और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों का उद्देश्य सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।


नव-नियुक्त युवाओं के लिए संदेश

नव-नियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने कहा कि अब वे सरकारी परिवार का हिस्सा बन गए हैं और पंजाब के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने उनसे ईमानदारी, समर्पण और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।