राजस्थान विधानसभा में गतिरोध खत्म, नेता प्रतिपक्ष ने मांगी माफी
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जयपुर, 27 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा में पिछले सात दिनों से जारी गतिरोध गुरुवार को समाप्त हो गया। इसके साथ ही कांग्रेस के निलंबित छह विधायकों को भी बहाल कर दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने डोटासरा की विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगते हुए कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा की टिप्पणी आसन की गरिमा के अनुकूल नहीं थी। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं और इसमें मुझे कोई संकोच नहीं है।
जूली ने कहा कि इंदिरा गांधी पर मंत्री द्वारा की गई व्यंग्यात्मक टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ा था। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद दिया कि उन्होंने गतिरोध खत्म करने के लिए पहल की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह वार्ता चार दिन पहले हो जाती तो कांग्रेस विधायकों को सदन में धरना नहीं देना पड़ता।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सदन चलाना सत्ता और विपक्ष दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें सोच-समझकर ही अपने विचार व्यक्त करने चाहिए। मैं स्पीकर से अनुरोध करता हूं कि मंत्री द्वारा की गई टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने पर विचार करें।
इससे पहले गतिरोध के चलते कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया और बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने समानांतर विधानसभा भी लगाई, जिसमें कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर को स्पीकर की भूमिका दी गई और विधानसभा कार्यवाही की नकल की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर