नहरों में पानी नहीं होने से किसानों को खरीदना पड़ रहा मंहगा पानी
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हमीरपुर, 27 फरवरी (हि.स.)। किसानों के तमाम हो हल्ला के बाद मौदहा बांध की सुमेरपुर ब्रांच में पानी नहीं आने से किसान निराश है। गेहूं की फसल बचाने के लिए किसान निजी नलकूपों से पानी खरीद कर फसल बचाने को विवश है। मौदहा बांध के अधिकारी पानी देने का झूठा आश्वासन देकर किसानों को लगातार गुमराह कर रहे हैं। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
मौदहा बांध की 11 किलोमीटर लंबी नहर सुमेरपुर ब्रांच से आधा दर्जन से ज्यादा गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। इस वर्ष नवंबर माह में पलेवा के लिए किसानों को पानी दिया गया था। इसके बाद नहर में पानी नहीं छोड़ा गया। फरवरी के प्रथम सप्ताह में जनसत्ता दल के जिलाध्यक्ष संजय सिंह बंडा ने मामले को विधानसभा में उठाने की धमकी दी थी। तब अधिकारियों ने रातों-रात बंडा तक पानी पहुंचा दिया था। बंडा के आगे पानी नहीं आने से किसान परेशान हैं। मवईजार के प्रधान कामता प्रसाद, पूर्व प्रधान महेश शिवहरे,पुष्पेंद्र यादव आदि ने बताया कि पानी नहीं आने से नहर किनारे के किसान निजी नलकूपों से पानी खरीद कर फसलें बचा रहे हैं। ऐसा ही हाल विदोखर पुरई,शादीपुर, विदोखर मेदनी के साथ नदेहरा के कुछ किसानों का है। सभी निजी नलकूप से पानी खरीद रहे हैं। नहर किनारे के किसान महेश, चंद्रशेखर, महंतराम, मोहित सिंह आदि ने बताया कि वह निजी नलकूप से 3०० रुपए बीघा देकर पानी लेकर फसलों को सींच रहा है। मौदहा बांध के सहायक अभियंता यशवीर सिंह ने बताया कि एक मार्च से सुमेरपुर ब्रांच में पानी दिया जाएगा। यह सात मार्च तक लगातार चलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा