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पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत: फलता विधानसभा सीट पर देबांग्शु पांडा ने मारी बाजी

पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर बीजेपी के देबांग्शु पांडा ने एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की है, जो राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। यह सीट लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव में थी, लेकिन हाल के मतदान ने बीजेपी को नई दिशा दी है। जानें इस चुनावी उलटफेर के पीछे की कहानी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ।
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पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत: फलता विधानसभा सीट पर देबांग्शु पांडा ने मारी बाजी

कोलकाता में राजनीतिक बदलाव


कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है, जब दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने शानदार जीत हासिल की। यह सीट लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव में रही है, लेकिन हाल के मतदान ने बीजेपी को एक नई दिशा दी है।


टीएमसी का गढ़ और बीजेपी की जीत

सूत्रों के अनुसार, देबांग्शु पांडा ने एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जो राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। फलता सीट अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और इसे टीएमसी का एक मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। 29 अप्रैल को यहां पहले चरण का मतदान हुआ था, लेकिन ईवीएम में गड़बड़ी और अन्य गंभीर आरोपों के चलते चुनाव आयोग को मतदान प्रक्रिया को रद्द करना पड़ा।


इसके बाद, आयोग ने 21 मई को सभी 285 बूथों पर पुनः मतदान कराया। इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें 88 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ।


मतगणना में बीजेपी की बढ़त

24 मई को मतगणना के दौरान, बीजेपी के देबांग्शु पांडा ने शुरुआत से ही बढ़त बनाई। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, उनकी बढ़त और भी मजबूत होती गई। अंततः उन्हें 1,49,666 वोट मिले, जबकि सीपीएम के संभू नाथ कुर्मी को 40 हजार से अधिक वोट मिले। कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला तीसरे स्थान पर रहे। दिलचस्प बात यह है कि टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान को बहुत कम वोट मिले, और उन्होंने दोबारा मतदान से पहले चुनाव लड़ने से मना कर दिया था।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

नतीजों के बाद, राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए गड़बड़ी और केंद्रीय बलों की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बीजेपी की जीत को जनता का जनादेश बताते हुए टीएमसी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि डायमंड हार्बर मॉडल अब टीएमसी के लिए नुकसान का प्रतीक बन चुका है।


शुभेंदु अधिकारी का बयान

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्होंने जनता से बीजेपी उम्मीदवार को एक लाख वोटों से जिताने की अपील की थी, और लोगों ने उससे भी अधिक समर्थन दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि बीजेपी क्षेत्र के विकास के लिए काम करेगी और फलता को नई पहचान दिलाएगी।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी के मजबूत क्षेत्र में बीजेपी की यह बड़ी जीत पश्चिम बंगाल की राजनीति पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।