मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय: मेट्रो और कृषि को मिले नए बजट
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक
मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, कृषि और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं.
बजट में वृद्धि और राहत के उपाय
अतिरिक्त बजट स्वीकृत
बैठक में भोपाल मेट्रो परियोजना के लिए 3052 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया है, साथ ही कपास उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए मंडी शुल्क को आधा करने का निर्णय लिया गया है.
भोपाल मेट्रो परियोजना का विस्तार
मेट्रो का बजट बढ़ा
भोपाल मेट्रो परियोजना के लिए बजट में वृद्धि की गई है। इसकी शुरुआत 2016 में हुई थी, जब इसकी अनुमानित लागत 6,941 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 10,033 करोड़ रुपये हो गई है. सरकार ने अगले दो वर्षों में लगभग 30 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रैक का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
कृषि क्षेत्र में राहत
कपास पर मंडी शुल्क में कमी
कृषि को बढ़ावा देने के लिए, कपास पर मंडी शुल्क को 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत किया गया है, जिससे किसानों का आर्थिक बोझ कम होगा. हालांकि, कुछ अन्य मंडी शुल्कों को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किया गया है.
आर्थिक लाभ और योजनाएं
800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय
इन परिवर्तनों से राज्य सरकार को लगभग 800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है, जिसका उपयोग कृषि कल्याण और मंडियों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक है और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा.
सौर ऊर्जा का विस्तार
2 लाख घरों में सोलर पैनल
राज्य में 'पीएम सूर्य घर योजना' के तहत अब तक 2 लाख घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं. इसे जनआंदोलन बनाने की योजना है. इंदौर में होने वाले ब्रिक्स कृषि सम्मेलन के दौरान प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.
