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भारत के लिए संकट के समय वेनेजुएला बना प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिससे भारत को भी संकट का सामना करना पड़ रहा है। खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति में कमी आई है, और भारतीय जहाजों के लिए समुद्र में खतरे बढ़ गए हैं। इस कठिन समय में, वेनेजुएला भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरा है, जिसने कच्चे तेल की आपूर्ति में 50% की वृद्धि की है। जानें इस संकट के बारे में और वेनेजुएला की भूमिका के बारे में।
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भारत के लिए संकट के समय वेनेजुएला बना प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता

ईरान-अमेरिका तनाव और ऊर्जा संकट

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। युद्ध के हालात के कारण कई देशों में तेल संकट उत्पन्न हो गया है, और भारत भी इससे अछूता नहीं है। खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति में भारी कमी आई है, जबकि भारतीय जहाजों के लिए समुद्र में खतरे भी बढ़ गए हैं। इस संकट के बीच, भारत के लिए एक सकारात्मक खबर आई है, क्योंकि एक नया देश संकटमोचक के रूप में उभरा है।


भारत की ऊर्जा जरूरतें और होर्मुज स्ट्रेट का संकट

भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है, और लगभग आधा कच्चा तेल महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से आता है। लेकिन ईरान के आसपास के युद्ध और समुद्री सुरक्षा संकट के कारण यह जलमार्ग अब असुरक्षित हो गया है। भारत ने अप्रैल में ईरान से तेल आयात फिर से शुरू किया था, लेकिन अमेरिकी नौसेना की कड़ी निगरानी के कारण इस महीने कोई नया ईरानी कार्गो भारत नहीं पहुंचा।


सऊदी अरब से तेल सप्लाई में गिरावट

खाड़ी में उत्पन्न संकट का सीधा असर सऊदी अरब से आने वाले तेल पर पड़ा है। अप्रैल में भारत को लगभग 6.7 लाख बैरल तेल मिल रहा था, जो अब घटकर 3.4 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीय जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं। हाल ही में ओमान के पास एक भारतीय जहाज पर जानलेवा हमला हुआ, जिससे वह जहाज डूब गया।


वेनेजुएला: भारत का नया तारणहार

खाड़ी देशों में बिगड़ते हालात के बीच, वेनेजुएला भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरा है। हालिया ऊर्जा ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, इस महीने वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बन गया है। मई में भारत को वेनेजुएला से तेल की सप्लाई में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऐसे समय में जब खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है, भारत सुरक्षित और वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहा है, जिसमें वेनेजुएला सबसे सहायक साबित हो रहा है।