क्या पाकिस्तान ने T20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार किया?
पाकिस्तान का टी20 विश्व कप में भागीदारी पर बड़ा फैसला
नई दिल्ली: पाकिस्तान ने आगामी टी20 विश्व कप 2026 से पूरी तरह बाहर होने का निर्णय नहीं लिया है। यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में आयोजित होगा। हालांकि, पाकिस्तानी टीम 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ अपने ग्रुप मैच में भाग नहीं लेगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय रविवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी की बैठक के बाद लिया गया।
बांग्लादेश के साथ अन्याय पर नाराजगी
आईसीसी ने 20 टीमों के इस टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया, जिसके कारण बांग्लादेश ने भारत में सुरक्षा चिंताओं के चलते खेलने से मना कर दिया। पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इसे बांग्लादेश के साथ अन्याय करार दिया और आईसीसी पर तीखे आरोप लगाए। इस विवाद ने पाकिस्तान की भागीदारी पर सवाल उठाए थे।
इस सप्ताह की शुरुआत में नकवी ने पीएम शरीफ से मुलाकात की थी और कहा था कि निर्णय 30 जनवरी या 2 फरवरी तक आएगा। लेकिन रविवार को ही घोषणा कर दी गई। पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक एक्स हैंडल ने बयान जारी किया कि इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान की सरकार आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम की भागीदारी को मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ निर्धारित मैच में नहीं खेलेगी।
भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार
पाकिस्तान ग्रुप ए में भारत, नामीबिया, नीदरलैंड और अमेरिका के साथ है। टीम अपना पहला मैच 7 फरवरी को नीदरलैंड के खिलाफ खेलेगी। सलमान अली आगा की कप्तानी वाली टीम श्रीलंका में अपने सभी मैच खेलेगी, क्योंकि भारत-पाकिस्तान मैच न्यूट्रल वेन्यू पर होंगे।
इससे पहले पाकिस्तान ने विश्व कप जर्सी अनावरण कार्यक्रम भी टाल दिया था। खबरें थीं कि यह कार्यक्रम टीम की भागीदारी के निर्णय के बाद होगा। कई रिपोर्टों में कहा गया कि पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में पूरे टूर्नामेंट का बहिष्कार कर सकता है, लेकिन सरकार ने केवल भारत के मैच से दूर रहने का निर्णय लिया।
क्रिकेट जगत में हलचल
यह निर्णय क्रिकेट जगत में हलचल पैदा कर रहा है। आईसीसी ने पहले ही हाइब्रिड मॉडल अपनाया है, जिसमें भारत-पाकिस्तान मैच न्यूट्रल वेन्यू पर होते हैं। पाकिस्तान के इस कदम से ग्रुप स्टेज में मैचों पर प्रभाव पड़ सकता है। भारत के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि इंडिया-पाकिस्तान मैच क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण होता है।
