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गौतम गंभीर की कोचिंग पर BCCI सचिव का बड़ा बयान

गौतम गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर टेस्ट और वनडे में भारत के प्रदर्शन को लेकर। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस मामले में स्पष्टता दी है, यह बताते हुए कि गौतम गंभीर को हटाने का कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट समिति और चयनकर्ताओं के पास निर्णय लेने की जिम्मेदारी है। इसके अलावा, गौतम गंभीर के लिए टी20 वर्ल्ड कप एक बड़ी चुनौती है, जिसमें भारत को अपने खिताब की रक्षा करनी होगी।
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गौतम गंभीर की कोचिंग पर BCCI सचिव का बड़ा बयान

गौतम गंभीर की कोचिंग पर उठ रहे सवाल

गौतम गंभीर की कोचिंग पर BCCI सचिव का बड़ा बयान

गौतम गंभीर: टीम इंडिया के हेड कोच के रूप में गौतम गंभीर का कार्यकाल अब तक अपेक्षाकृत सफल नहीं रहा है। छोटे फॉर्मेट में उनकी कोचिंग में भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन टेस्ट और वनडे में स्थिति अलग है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट और न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में हार के कारण उनकी विदाई की मांग उठ रही है।


BCCI सचिव का बयान

सोशल मीडिया पर फैंस और कुछ पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर पर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस मामले पर स्पष्टता प्रदान की है।

गौतम गंभीर को हटाने की मांग पर BCCI सचिव का बयान

गौतम गंभीर को हटाने की मांग के बीच, बीसीसीआई ने उनका समर्थन किया है। एक इंटरव्यू में देवजीत सैकिया ने कहा कि लोगों को अपनी राय देने का अधिकार है, लेकिन बीसीसीआई के पास निर्णय लेने के लिए योग्य लोग हैं। उन्होंने कहा,

“भारत 140 करोड़ लोगों का देश है, और यहाँ हर कोई क्रिकेट का जानकार है। हर किसी की अपनी राय होगी। यह एक लोकतांत्रिक देश है, और हम किसी की आवाज़ नहीं दबा सकते। मीडिया समेत सभी राय देने वाले अपनी राय देने के लिए स्वतंत्र हैं। क्रिकेट जगत में अटकलों से भरी खबरें चल रही हैं, लेकिन बीसीसीआई में एक क्रिकेट समिति है, जिसमें पूर्व क्रिकेटर शामिल हैं। वे सभी निर्णय लेते हैं।”


टी20 वर्ल्ड कप की चुनौती

गौतम गंभीर को टीम इंडिया के हेड कोच के रूप में बड़ी उम्मीदों के साथ नियुक्त किया गया था। हालांकि, उनका कार्यकाल मिश्रित रहा है। व्हाइट बॉल में कुछ सफलता मिली है, लेकिन टेस्ट में निराशा का सामना करना पड़ा है। अब उनके सामने टी20 वर्ल्ड कप की चुनौती है, जो 7 फरवरी से शुरू होगा। यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में होगा।

गौतम गंभीर के लिए यह एक बड़ा टास्क होगा, क्योंकि टीम इंडिया को घरेलू दर्शकों के सामने अच्छा प्रदर्शन करना होगा। यदि भारत खिताब नहीं जीत पाता है, तो गंभीर पर फिर से सवाल उठ सकते हैं।