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पाकिस्तान क्रिकेट पर आइसलैंड क्रिकेट का मजाक, टी20 विश्व कप में भागीदारी पर उठे सवाल

आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत में केवल दस दिन बचे हैं, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की है। आइसलैंड क्रिकेट ने पाकिस्तान के संभावित बहिष्कार पर व्यंग्य करते हुए कहा है कि वे कोलंबो की उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। इस मजाक ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेइज्जती को बढ़ा दिया है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और आईसीसी का रुख क्या है।
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पाकिस्तान क्रिकेट पर आइसलैंड क्रिकेट का मजाक, टी20 विश्व कप में भागीदारी पर उठे सवाल

नई दिल्ली में टी20 विश्व कप 2026 की तैयारी


नई दिल्ली: आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत में अब केवल दस दिन बचे हैं। इस टूर्नामेंट को लेकर पाकिस्तान में विवाद बढ़ता जा रहा है। यह विवाद अब केवल बोर्डरूम की चर्चाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी है।


आइसलैंड क्रिकेट का पाकिस्तान पर व्यंग्य

इस बीच, आइसलैंड क्रिकेट ने पाकिस्तान का मजाक उड़ाते हुए कहा है कि यदि पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर होता है, तो वे कोलंबो की उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। इस बयान ने चर्चा को और तेज कर दिया है।


पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेइज्जती


पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक टी20 विश्व कप में भाग लेने की पुष्टि नहीं की है। बोर्ड ने पहले ही टूर्नामेंट के बहिष्कार की धमकी दी है, जिस पर आइसलैंड जैसे देशों ने भी मजाक उड़ाया है।


आइसलैंड क्रिकेट ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा कि यदि पाकिस्तान 2 फरवरी को अपना नाम वापस लेता है, तो वे तुरंत उड़ान भरने के लिए तैयार हैं, लेकिन 7 फरवरी तक कोलंबो पहुंचना संभव नहीं है। इस पोस्ट के बाद पाकिस्तान की खिल्ली उड़ाई जा रही है।




पीसीबी और आईसीसी के बीच विवाद

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की नाराजगी


इस मजाक के पीछे एक गंभीर मुद्दा भी है। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने हाल ही में आईसीसी की आलोचना की थी, यह कहते हुए कि सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान को हाइब्रिड मॉडल के तहत छूट मिलती है, तो बांग्लादेश को भी समान अवसर मिलना चाहिए।


आईसीसी का स्पष्टीकरण


हालांकि, आईसीसी ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्र सुरक्षा आकलन में भारत में बांग्लादेश के लिए कोई खतरा नहीं था। इसके बावजूद, बांग्लादेश अपनी जिद पर अड़ा रहा और टूर्नामेंट से बाहर हो गया, जिसके कारण स्कॉटलैंड को मौका दिया गया।