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फ्रांस में युवक के पेट से निकला प्रथम विश्व युद्ध का गोला

फ्रांस में एक 24 वर्षीय युवक पेट में तेज दर्द के कारण अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसके शरीर में एक जिंदा तोप का गोला पाया। यह गोला प्रथम विश्व युद्ध का था और इसकी पहचान के बाद अस्पताल को खाली कराया गया। सर्जरी के बाद युवक की स्थिति स्थिर है, लेकिन यह घटना पुराने युद्धों के अवशेषों के खतरों को फिर से उजागर करती है। जानें इस चौंकाने वाली घटना के बारे में और अधिक।
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फ्रांस में युवक के पेट से निकला प्रथम विश्व युद्ध का गोला

चौंकाने वाला मामला सामने आया

नई दिल्ली: हाल ही में फ्रांस में एक अजीब घटना हुई, जहां एक 24 वर्षीय युवक तेज पेट दर्द के कारण अस्पताल पहुंचा। उसकी स्थिति गंभीर थी, इसलिए चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया। प्रारंभ में यह सामान्य पेट दर्द का मामला प्रतीत हो रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, चिकित्सकों को हैरान कर देने वाला तथ्य सामने आया।


धातु की वस्तु की पहचान

स्कैन और अन्य परीक्षणों के दौरान, चिकित्सकों ने युवक के शरीर के अंदर एक बड़ी धातु की वस्तु देखी। जब इसे ध्यान से जांचा गया, तो पता चला कि यह कोई साधारण वस्तु नहीं, बल्कि प्रथम विश्व युद्ध का एक तोप का गोला था। यह गोला लगभग 8 इंच लंबा था और युवक के पेट के निचले हिस्से में फंसा हुआ था।


अस्पताल की सुरक्षा बढ़ाई गई

जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि युवक के शरीर में एक जिंदा बम हो सकता है, अस्पताल प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा उपाय किए। पूरे अस्पताल को खाली कराया गया और बम निरोधक दल तथा दमकल विभाग को बुलाया गया। अस्पताल के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया गया ताकि किसी भी प्रकार का खतरा न हो।


सफल सर्जरी से टला बड़ा खतरा

सर्जनों ने युवक की आपातकालीन सर्जरी बहुत सावधानी से की। बम निरोधक विशेषज्ञों ने बताया कि गोला नुकीला था, लेकिन तत्काल विस्फोट का खतरा नहीं था। इसे सुरक्षित तरीके से अस्पताल से बाहर ले जाया गया और युवक की स्थिति अब स्थिर है।


गोला शरीर में कैसे पहुंचा?

यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह तोप का गोला युवक के शरीर में कैसे पहुंचा। पुलिस युवक से पूछताछ कर सकती है और अवैध रूप से गोला-बारूद रखने के आरोप में कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।


'आयरन हार्वेस्ट' क्या है?

यह गोला प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उपयोग किया गया था। ऐसे बिना फटे गोले आज भी यूरोप में खेतों और निर्माण स्थलों पर मिलते हैं, जिन्हें 'आयरन हार्वेस्ट' कहा जाता है। यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि पुराने युद्धों के अवशेष आज भी कितने बड़े खतरे का कारण बन सकते हैं।