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चीन की सैन्य गतिविधियों से ताइवान में बढ़ा तनाव

चीन की सैन्य गतिविधियों ने ताइवान में चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में, ताइवान के आस-पास चीनी लड़ाकू विमानों और नौसैनिक जहाजों की संख्या में वृद्धि हुई है। ताइवान का रक्षा मंत्रालय इस स्थिति पर नजर रखे हुए है और उचित कार्रवाई करने के लिए तैयार है। जानें इस विवाद की जड़ें और ताइवान की प्रतिक्रिया के बारे में।
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चीन की सैन्य गतिविधियों से ताइवान में बढ़ा तनाव

चीन और ताइवान के बीच बढ़ता तनाव

इन दिनों, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के साथ-साथ ताइवान भी चीन के संभावित हमले के खतरे से जूझ रहा है। ताइवान के आस-पास चीनी सैन्य गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है।


क्या है पूरा मामला?

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे तक चार चीनी लड़ाकू विमान और छह नौसैनिक जहाज ताइवान के आसपास सक्रिय थे। मंत्रालय के अनुसार, इनमें से तीन विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में प्रवेश किया।


ताइवान की सेना की तैयारियां

चीनी सेना की इस गतिविधि के बाद, ताइवान की सेना भी पूरी तरह से सतर्क हो गई है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी सेनाएं घटनाक्रम पर ध्यान दे रही हैं और स्थिति के अनुसार उचित प्रतिक्रिया दी जा रही है।


शनिवार को भी चीन ने की थी घुसपैठ

शनिवार को भी चीन ने ताइवान के आस-पास बड़े पैमाने पर सैन्य गतिविधियां की थीं। उस दिन, ताइवान के आस-पास 16 चीनी विमानों और 8 नौसैनिक जहाजों का पता चला था, जिनमें से 13 विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार किया था।


ताइवान और चीन के बीच विवाद का इतिहास

ताइवान पर चीन का दावा एक पुराना और जटिल मुद्दा है। बीजिंग का हमेशा से यह कहना रहा है कि ताइवान चीन का हिस्सा है और वह इसे अपने में मिलाना चाहता है। दूसरी ओर, ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश मानता है, जिसकी अपनी लोकतांत्रिक सरकार, सेना और मजबूत अर्थव्यवस्था है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ताइवान की यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस का बड़ा मुद्दा बनी हुई है, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है।