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उत्तर कोरिया में गर्मी से बचने के लिए कुत्ते के मांस का सूप: क्या है इसकी सच्चाई?

उत्तर कोरिया में भीषण गर्मी के बीच, नागरिकों को कुत्ते के मांस से बने सूप पीने की सलाह दी गई है। यह पारंपरिक व्यंजन, जिसे 'डांगोगी गुक' कहा जाता है, को गर्मी से लड़ने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रभावी बताया गया है। हालांकि, इसके पीछे के दावों का कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है। जानें इस अजीब सलाह के बारे में और प्योंगयांग के रेस्तरां में इसकी लोकप्रियता के बारे में।
 

गर्मी से जूझता उत्तर कोरिया


नई दिल्ली: इन दिनों उत्तर कोरिया भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों का सामना कर रहा है, जिससे वहां के नागरिकों के लिए एक अनोखी सलाह सामने आई है। कोरियाई प्रायद्वीप में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के साथ, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ नागरिकों को गर्मी से बचने के लिए अजीब उपाय सुझा रहे हैं। उत्तर कोरिया के सरकारी समाचार पत्र 'रोडोंग सिनमुन' में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, नागरिकों को हीट स्ट्रोक से बचने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए कुत्ते के मांस से बना पारंपरिक सूप पीने की सलाह दी गई है। इस सलाह ने वैश्विक स्तर पर चर्चा को जन्म दिया है।


'स्वीट मीट सूप' का महत्व

'मीठे मांस का सूप' और इसके पीछे के दावे


स्थानीय भाषा में इसे 'डांगोगी गुक' कहा जाता है, जो उत्तर कोरिया में एक लोकप्रिय व्यंजन है। सरकारी मीडिया में एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा है कि यह सूप गर्मी के दौरान शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।


पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इसे हृदय रोग, मधुमेह और हाइपरथायरायडिज्म जैसी समस्याओं में भी लाभकारी बताया गया है, हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।


प्योंगयांग के विशेष रेस्तरां

प्योंगयांग के खास रेस्तरां


उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में कई रेस्तरां हैं जो विशेष रूप से कुत्ते के मांस के व्यंजन परोसते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, किम जोंग उन इस पारंपरिक सूप को पसंद करते हैं, और इसे अक्सर राजकीय भोजों में परोसा जाता है। इसे बनाने के लिए कुत्ते के मांस के साथ हरा प्याज, पेरिला की पत्तियां, लाल मिर्च, पुदीना और विशेष मसाले मिलाकर उबाला जाता है।


गर्मी का संकट

सबसे गंभीर मौसमी संकट में फंसा प्रायद्वीप


दक्षिण कोरिया के यांगसान में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि उत्तर कोरिया में भी पारा 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है। आमतौर पर ठंडे रहने वाले प्योंगयांग की स्थिति भी इस बार चिंताजनक है, जहां लोग उमस और उष्णकटिबंधीय मौसम से परेशान हैं।