ओणम उत्सव में रोबोट मावेली का जादू: परंपरा और तकनीक का अनोखा संगम
ओणम का उल्लास
नई दिल्ली: केरल का सबसे प्रिय और पवित्र त्योहार ओणम पूरे राज्य में धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग पारंपरिक परिधान पहनते हैं, अपने घरों में खूबसूरत पूकालम (फूलों की रंगोली) सजाते हैं और ओणम सद्या का आनंद लेते हैं। मान्यता के अनुसार, यह पर्व राजा महाबली की अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर लौटने का उत्सव है। लेकिन 2026 के ओणम उत्सव में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहां परंपरा और आधुनिक तकनीक का अद्भुत मेल देखने को मिला।
बीजिंग से प्रेरित अनोखा प्रयोग
इस इनोवेटिव प्रयोग की प्रेरणा बीजिंग में आयोजित वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स गेम्स के वीडियो से मिली। आयोजकों ने सोचा कि क्यों न इस साल ओणम उत्सव में कुछ अत्याधुनिक रोबोटिक तत्व जोड़े जाएं। इसके लिए केरल की एक टेक कंपनी से विशेष रूप से एक रोबोट किराए पर लिया गया, जिसे राजा मावेली के रूप में तैयार किया गया। इस प्रयोग ने मॉल में खरीदारी करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि की।
कोच्चि के मॉल में रोबो मावेली का प्रदर्शन
कोच्चि के फोरम मॉल में जब नारंगी पारंपरिक धोती और सुनहरे आभूषणों से सजे ह्यूमनॉइड रोबोट ने रेड कार्पेट पर कदम रखा, तो वहां उपस्थित सभी लोग चकित रह गए। राजा मावेली के रूप में तैयार इस रोबोट ने चेंडा मेलम जैसे पारंपरिक लोक संगीत पर लयबद्ध तरीके से नृत्य किया। उसकी सटीक भाव-भंगिमाएं और नृत्य के स्टेप्स देखकर लोगों को विश्वास करना मुश्किल हो रहा था कि वे एक मशीन को नाचते हुए देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ रोबो मावेली
इस अद्वितीय नृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। आम लोगों के साथ-साथ कई हस्तियों, राजनेताओं और सेलिब्रिटीज ने भी इसे साझा किया। नगालैंड के एक मंत्री ने इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा कि ओणम का उत्साह इतना बढ़ जाता है कि रोबोट भी खुद को उत्सव में शामिल होने से नहीं रोक पाते। यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने यह साबित कर दिया कि आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्राचीन सांस्कृतिक परंपराएं मिलकर उत्सव के आनंद को कई गुना बढ़ा सकती हैं।