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कानपुर में अस्पताल में हुई अनोखी शादी: दूल्हे ने निभाई वफादारी की मिसाल

कानपुर में एक अनोखी शादी ने सभी का दिल जीत लिया, जब दूल्हे ने अपनी दुल्हन से अस्पताल में शादी की। यह शादी एक हादसे के बाद हुई, जिसमें दुल्हन झुलस गई थी। दूल्हे ने वादा किया कि वह हर हाल में अपनी पत्नी का साथ देगा। जानें इस भावुक घटना के बारे में और कैसे परिवार ने इस शादी को खास बनाया।
 

कानपुर में विवाह का अनोखा दृश्य


कानपुर: कानपुर में एक शादी ने फिल्म 'विवाह' के अंतिम दृश्य को वास्तविकता में बदल दिया। अस्पताल का वार्ड फूलों से सजाया गया था, जहां बेड पर लेटी दुल्हन ने हॉस्पिटल गाउन के ऊपर लाल चूनर ओढ़ रखा था। दूल्हे ने सभी के सामने उसकी मांग में सिंदूर भरा, जिससे वहां मौजूद डॉक्टर, नर्स और परिवार के लोग भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू थे, लेकिन चेहरे पर संतोष था।


हल्दी समारोह के दौरान हुआ हादसा

रिपोर्ट्स के अनुसार, जगन्नाथपुर गांव के जगदीश की 22 वर्षीय बेटी स्वेता की शादी तात्याटोपे नगर निवासी विकास से तय थी। शादी की तारीख 14 मई थी, लेकिन 13 मई को हल्दी समारोह के दौरान सिलिंडर में लीक से आग लग गई। आग बुझाने के प्रयास में तेल की कढ़ाई पलट गई, जिससे आग और फैल गई।


इस हादसे में स्वेता, उनके पिता जगदीश और अन्य 12 लोग झुलस गए। सभी को पहले घाटमपुर सीएचसी और फिर कानपुर के उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वेता की हालत गंभीर होने पर उन्हें जाजमऊ के मिशिका अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।


अस्पताल में विवाह का आयोजन

14 मई को शादी की तारीख थी। दूल्हा विकास अपने परिवार के साथ अस्पताल पहुंचा और कहा कि वह उसी दिन शादी करना चाहता है। परिवार ने अस्पताल प्रबंधन से अनुमति ली, जिसके बाद स्टाफ और नर्स ने वार्ड को सजाया। विकास ने बेड पर लेटी स्वेता की मांग में सिंदूर भरा और दोनों ने केक भी काटा। इस दृश्य ने वहां मौजूद सभी की आंखों को नम कर दिया।


दूल्हे का वादा और परिवार की योजना

विकास ने बताया कि जिस दिन रिश्ता तय हुआ, उसी दिन से स्वेता उनकी पत्नी बन गई थी। अस्पताल में केवल औपचारिकता पूरी की गई। उन्होंने वादा किया कि वह हर परिस्थिति में स्वेता का साथ देंगे। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, स्वेता की तबीयत अब बेहतर है और जल्द ही उसे छुट्टी मिल सकती है।


स्वेता के पिता जगदीश और भाई अभिषेक ने कहा कि हादसे में झुलसे अन्य लोग भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। सभी के ठीक होने के बाद घर पर धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। विकास के इस साहसिक निर्णय की हर जगह प्रशंसा हो रही है, और सोशल मीडिया पर लोग उसकी वफादारी की सराहना कर रहे हैं।