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कालीकट का ईगलमैन: चीलों के साथ अनोखा रिश्ता

कालीकट के समुद्र तट पर हर दिन दोपहर को एक अनोखा नजारा देखने को मिलता है, जब अजीजका नामक व्यक्ति चीलों को भोजन देने के लिए आते हैं। पिछले 30 वर्षों से यह सिलसिला जारी है, और उनकी सीटी की आवाज सुनकर सैकड़ों चीलें आसमान से उतर आती हैं। अजीजका का यह अनोखा रिश्ता और उनकी निस्वार्थ सेवा ने उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध कर दिया है। जानिए कैसे उन्होंने चीलों के साथ एक अनोखा बंधन बनाया है।
 

कालीकट के समुद्र तट पर अद्भुत नजारा


नई दिल्ली: केरल के ऐतिहासिक शहर कालीकट का समुद्र तट हर दिन दोपहर दो बजे एक अनोखे दृश्य का गवाह बनता है। इस समय आसमान में अचानक कई चीलें उड़ने लगती हैं, जो देखने में डरावनी लगती हैं। लेकिन इस खौफनाक दृश्य के बीच एक शांत व्यक्ति साइकिल पर नजर आता है, जिसे स्थानीय लोग और सोशल मीडिया पर 'कालीकट का ईगलमैन' के नाम से जानते हैं। उनका असली नाम अजीजका है, और वह पिछले 30 वर्षों से इन शिकारी पक्षियों के लिए एक मसीहा की तरह हैं।


सीटी की आवाज पर चीलों का आना

अजीजका का यह अनोखा कार्य पिछले तीन दशकों से जारी है। हर दिन, जब कोझिकोड बीच पर धूप तेज होती है, वह अपनी साइकिल पर चिकन के टुकड़ों से भरा बोरा लेकर पहुंचते हैं। वहां पहुंचकर, वह एक विशेष सीटी बजाते हैं, जिसे केरल की संस्कृति में करुणा का प्रतीक माना जाता है। इस सीटी की आवाज सुनते ही आसमान में चीलों की फौज तैयार हो जाती है। सैकड़ों चीलें नीचे उतरकर अजीजका के हाथों से खाना खाने लगती हैं। कभी-कभी, इतनी भीड़ होती है कि अजीजका खुद भी नजर नहीं आते।


पक्षियों से अजीजका का अनोखा रिश्ता


पक्षियों से अजीजका का अनोखा रिश्ता


आमतौर पर लोग चील जैसे मांसाहारी पक्षियों से दूर रहते हैं, लेकिन अजीजका के मामले में यह धारणा गलत साबित होती है। उन्हें इन चीलों से कोई डर नहीं है, और न ही इन चीलों ने उन्हें कभी नुकसान पहुंचाया है। उनके बीच का यह गहरा विश्वास और तालमेल इस कहानी को खास बनाता है।


सोशल मीडिया पर छाए अजीजका

सोशल मीडिया पर छाए अजीजका


हाल ही में अजीजका का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, जिससे लोग उनकी निस्वार्थ सेवा को देखकर हैरान रह गए। सोशल मीडिया यूजर्स उनकी प्रशंसा कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि अजीजका को किसी सरकारी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें तो प्रकृति की तरफ से 'XYZ सिक्योरिटी' मिली हुई है, क्योंकि सैकड़ों चीलें हमेशा उनके चारों ओर होती हैं। अजीजका की यह कहानी यह साबित करती है कि अगर जानवरों को सच्चा प्यार और करुणा दी जाए, तो वे भी वफादारी की हर सीमा पार कर सकते हैं।