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केरल में जुड़वां जोड़ों की अनोखी शादी: एक ही मंच पर चार दिलों का मिलन

केरल के चांगनास्सेरी में एक अनोखी शादी ने सबका ध्यान खींचा है, जिसमें जुड़वां दूल्हा-दुल्हन शामिल थे। इस समारोह में जुड़वां पादरियों ने भी विवाह संपन्न कराया। जानें इस खास शादी की अनोखी विशेषताएं और कैसे यह समारोह सभी के लिए यादगार बना।
 

चांगनास्सेरी में हुई अनोखी शादी


कोट्टायम: केरल के कोट्टायम जिले के चांगनास्सेरी में एक विवाह समारोह ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इस शादी की खासियत केवल दूल्हा-दुल्हन नहीं, बल्कि इसमें शामिल सभी जुड़वां लोगों का अनोखा अंदाज है। इस समारोह में दूल्हे जुड़वां भाई और दुल्हन जुड़वां बहनें थीं, जबकि शादी का संचालन करने वाले पादरी और उनकी सहायता करने वाले सेवक भी जुड़वां थे। यही कारण है कि यह शादी लोगों के लिए एक यादगार अनुभव बन गई है और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं।


विशेष विवाह समारोह का आयोजन

गुरुवार को चांगनास्सेरी मेट्रोपॉलिटन चर्च में यह विशेष विवाह समारोह आयोजित किया गया। दूल्हे अखिल के. थॉमस ने मैगी मैरी थॉमस के साथ फेरे लिए, जबकि उनके जुड़वां भाई निखिल के. थॉमस ने मैगी की जुड़वां बहन मारिया मैरी थॉमस के साथ विवाह किया। दोनों जोड़ों ने एक ही मंच पर अपने नए जीवन की शुरुआत की, जिससे यह समारोह और भी खास बन गया।


जुड़वां पादरियों द्वारा विवाह संपन्न

इस शादी की एक और खास बात यह थी कि समारोह का संचालन भी जुड़वां पादरियों ने किया। कंजीरापल्ली धर्मप्रांत के फादर एंटो पेझुमकट्टिल और फादर अजो पेझुमकट्टिल ने विवाह संपन्न कराया। इसके अलावा, वेदी पर उनकी सहायता करने वाले जेरोन जेम्स और जॉन जेम्स भी जुड़वां भाई थे। इस तरह की एक साथ इतनी जुड़वां लोगों की उपस्थिति ने मेहमानों को भी चकित कर दिया।


बचपन का सपना साकार

दूल्हे अखिल और निखिल, चांगनास्सेरी के वेट्टुपराम्बिल निवासी कुंजुमोन थॉमस और जोमोल के जुड़वां बेटे हैं। वहीं, दुल्हन मैगी और मारिया, पथानमथिट्टा जिले के कुलथूर निवासी टोमिचन और मैरीकुट्टी की जुड़वां बेटियां हैं। परिवार के अनुसार, बचपन से ही दोनों बहनों का सपना था कि उनकी शादी जुड़वां भाइयों से हो। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने ऐसे पादरियों की तलाश की जो खुद जुड़वां हों। अंततः उन्हें कोथनल्लूर के एक चर्च के माध्यम से जुड़वां पादरी मिले, जिन्होंने खुशी-खुशी इस समारोह का हिस्सा बनने की सहमति दी।


पादरियों का अनुभव

शादी संपन्न कराने वाले दोनों पादरियों ने इस अवसर को अपने जीवन का खास अनुभव बताया। उनका कहना था कि जुड़वां जोड़ों की शादी कराना एक अलग और भावुक पल था। उन्होंने कहा कि ऐसे मौके लोगों को परिवार, एकजुटता और रिश्तों की खूबसूरती का एहसास कराते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जैसे दूल्हा-दुल्हन जुड़वां होने के कारण साथ बड़े हुए और अब साथ ही अपने नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं, वैसे ही वे दोनों भी एक साथ पुरोहित बने थे। इसलिए यह समारोह उनके लिए भी भावनात्मक रूप से बहुत खास रहा।


नई शुरुआत का अनोखा पल

अखिल और निखिल मर्चेंट नेवी में काम करते हैं, जबकि मैगी और मारिया आईटी क्षेत्र में कार्यरत हैं। पेशे भले ही अलग हों, लेकिन इस खास दिन चारों ने अपने जीवन का नया अध्याय एक साथ शुरू किया। मेहमानों के लिए यह शादी एक अनोखा अनुभव रही, जबकि दोनों परिवारों के लिए यह वर्षों पुराने सपने के सच होने जैसा पल था।