कैसे शुभ सारंग ने Instagram पर बनाई अपनी पहचान और छोड़ी नौकरी?
शुभ सारंग की प्रेरणादायक यात्रा
नई दिल्ली: आज के डिजिटल युग में Instagram सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह कई कंटेंट क्रिएटर्स के लिए कमाई और करियर बनाने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन चुका है। मुंबई के शुभ सारंग की कहानी इस बदलाव का एक बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने सीमित फॉलोअर्स के साथ कंटेंट बनाना शुरू किया और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई। जब उन्हें एक लाख रुपये की ब्रांड डील मिली, तो उन्होंने अपनी कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर बनने का निर्णय लिया।
एक ब्रांड डील ने बदल दी दिशा
शुभ सारंग हमेशा से सोशल मीडिया को अपने करियर का मुख्य हिस्सा बनाना चाहते थे। हालांकि, हर महीने मिलने वाली सैलरी को छोड़ना उनके लिए आसान नहीं था। EMI और अन्य खर्चों की जिम्मेदारियों के बीच उन्हें यह चिंता सताती थी कि क्या Instagram से नियमित आय प्राप्त हो सकेगी। इसी दौरान उन्हें एक ब्रांड के साथ काम करने का अवसर मिला, जिसके लिए उन्हें एक लाख रुपये का भुगतान किया गया। इस डील ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्हें यकीन हुआ कि कंटेंट क्रिएशन को एक पेशे के रूप में अपनाया जा सकता है।
फॉलोअर्स की संख्या में तेजी से वृद्धि
शुभ के अनुसार, जब उनके कंटेंट को अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा, तब उनके Instagram पर लगभग 10 हजार फॉलोअर्स थे। इसके बाद उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और कुछ ही महीनों में फॉलोअर्स की संख्या एक लाख तक पहुंच गई। एक अन्य वीडियो ने उन्हें दो लाख फॉलोअर्स के करीब पहुंचने में मदद की। उनकी बढ़ती लोकप्रियता के साथ ब्रांड्स की रुचि भी बढ़ी।
शुभ का दावा है कि कंपनियां उन्हें एक वीडियो के लिए 1.3 लाख से 1.5 लाख रुपये तक देने लगीं। इस कारण उनकी मासिक आय 2.2 लाख से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई। जब यह आय उनकी कॉरपोरेट सैलरी से तीन से चार गुना अधिक हो गई, तब उन्होंने नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया।
देर रात तक काम करने की मेहनत
इस मुकाम तक पहुंचने के लिए शुभ को नौकरी और कंटेंट क्रिएशन दोनों को संभालना पड़ा। वह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ऑफिस में काम करते थे। घर लौटने के बाद शूटिंग करते और फिर वीडियो एडिटिंग में जुट जाते थे। कई बार उनका काम सुबह 4 बजे तक चलता था, जबकि कुछ घंटों बाद उन्हें फिर से ऑफिस के लिए तैयार होना पड़ता था। लगातार कम नींद और दोहरी जिम्मेदारियों के कारण यह दिनचर्या उनके लिए थकाऊ हो गई थी। अंततः, उन्होंने कंटेंट क्रिएशन पर पूरा ध्यान देने का निर्णय लिया।
नौकरी छोड़ने से पहले आर्थिक सुरक्षा का ध्यान
शुभ का अनुभव सोशल मीडिया पर करियर बनाने की संभावनाओं को उजागर करता है, लेकिन वह यह भी मानते हैं कि हर किसी को उनकी तरह नौकरी छोड़ने का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लेना चाहिए। नियमित आय का बंद होना, EMI और अन्य खर्चों का दबाव वास्तविक चुनौतियां हैं। शुभ की कहानी यह दर्शाती है कि सोशल मीडिया पर अवसर जरूर हैं, लेकिन सफलता के लिए मेहनत, निरंतरता और सोच-समझकर जोखिम उठाना भी आवश्यक है।