क्या चलती ट्रेन में पूजा करना है सही? रेलवे ने दी सफाई
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पूजा का वीडियो
नई दिल्ली: एक वीडियो जिसमें चलती ट्रेन के अंदर पूजा-अर्चना होती दिखाई दे रही है, सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस क्लिप में एक पुजारी ट्रेन के डिब्बे में धार्मिक अनुष्ठान करते नजर आ रहे हैं, जबकि उनके चारों ओर सफेद वस्त्र पहने लोग भी शामिल हैं। इस घटना के बाद, सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या रेलवे के कोच में इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।
पूजा का आयोजन किस कोच में हुआ?
इस मामले के बढ़ने के बाद, उत्तरी रेलवे ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। रेलवे ने बताया कि यह पूजा किसी सामान्य यात्री कोच में नहीं, बल्कि एक निजी सैलून कार में आयोजित की गई थी, जिसे नियमों के अनुसार बुक किया गया था। रेलवे के अनुसार, संबंधित सैलून कार को एक निजी पार्टी ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के माध्यम से वाणिज्यिक आधार पर बुक किया था।
After honeymoon coach, now worship rituals in saloon coach of Indian Railways. Indian Railway is becoming circus. pic.twitter.com/5UwZIJAdGb
— VIZHPUNEET (@vizhpuneet) July 12, 2026
जानकारी के अनुसार, इस सैलून कार के लिए पार्टी द्वारा लगभग 3.08 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान किया गया था। यह सैलून कार 10 जुलाई 2026 को नई दिल्ली से मुंबई जाने वाली पश्चिम एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12926) के साथ जोड़ी गई थी।
रेलवे ने दी मामले पर स्पष्टता
उत्तरी रेलवे ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा धार्मिक अनुष्ठान उसी निजी सैलून कार के अंदर हुआ था। यह किसी सार्वजनिक या सामान्य यात्री डिब्बे में आयोजित नहीं किया गया था, इसलिए इससे अन्य यात्रियों के सफर या रेल संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और समयबद्ध संचालन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे अपने नियमों के तहत निजी सैलून कार की बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराता है और बुकिंग की शर्तों का पालन किए जाने पर इस तरह से यात्रियों को यात्रा की अनुमति दी जाती है।
सैलून कार की विशेषताएँ
सैलून कार रेलवे का एक विशेष और निजी डिब्बा होता है, जिसे वाणिज्यिक शुल्क देकर बुक किया जा सकता है। इसमें एयर कंडीशनर, बेडरूम, बैठक कक्ष, भोजन कक्ष, रसोई और संलग्न शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। पहले इनका उपयोग मुख्य रूप से वरिष्ठ अधिकारियों और वीआईपी यात्राओं के लिए होता था, लेकिन अब निर्धारित नियमों और शुल्क के तहत इसकी निजी बुकिंग भी कराई जा सकती है। रेलवे की सफाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वायरल वीडियो किसी सामान्य कोच का नहीं, बल्कि विधिवत बुक की गई निजी सैलून कार का था।