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क्या जानवरों में भी होती है मां का दर्द? डॉल्फिन की भावुक कहानी ने किया सबको भावुक

एक मां डॉल्फिन ने अपने मृत नवजात बच्चे को छह दिनों तक अपने साथ रखा, जो एक भावुक घटना बन गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें मां की उम्मीद और दर्द को देखा जा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जानवरों में भी भावनाएं होती हैं, और यह घटना इस बात का प्रमाण है। जानिए इस दिल को छू लेने वाली कहानी के बारे में और कैसे यह मां अपने बच्चे के प्रति अपने गहरे लगाव को दर्शाती है।
 

डॉल्फिन का मातृत्व: एक भावनात्मक यात्रा


नई दिल्ली: मां का प्यार केवल इंसानों तक सीमित नहीं है; जानवर भी अपने बच्चों के प्रति गहरी भावनाएं रखते हैं। हाल ही में हिंद महासागर में एक मां डॉल्फिन की कहानी ने सबको भावुक कर दिया, जब उसने अपने मृत नवजात बच्चे को छह दिनों तक अपने साथ रखा। इस घटना का ड्रोन द्वारा लिया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।


वीडियो में मां डॉल्फिन अपने बच्चे को बार-बार पानी की सतह पर लाती हुई दिखाई देती है, जैसे कि उसे उम्मीद हो कि उसका बच्चा फिर से जीवित हो जाएगा। यह दृश्य देखकर हर किसी का दिल पसीज गया।


फ्रैगल: एक मां की दुखद कहानी

मां डॉल्फिन ने खोए पांच बच्चे


इस मां डॉल्फिन का नाम फ्रैगल (Fraggle) है। दुख की बात यह है कि यह उसका पहला बच्चा नहीं था, बल्कि पांचवां था जिसे उसने खोया। इससे पहले भी उसके चार बच्चे जीवित नहीं रह पाए थे। इस पूरी घटना को ऑस्ट्रेलिया की समुद्री संरक्षण संस्था (Geographe Marine Research) ने अपने ड्रोन कैमरे में कैद किया। इस दौरान फ्रैगल के साथ लगभग 14 अन्य डॉल्फिनों का समूह भी तैरता रहा, मानो वे भी उसके दुख में शामिल हों।


A mother dolphin named Fraggle carried her dead 2-week-old calf for 6 days in the Indian Ocean.

Grief is not uniquely human.
Some bonds run deeper than we admit. pic.twitter.com/z1Tpb7MwCU

— Rajat Jain (@RajatJain) August 4, 2026



डॉल्फिन के बच्चे की स्थिति

रिसर्चर्स के अनुसार, डॉल्फिन का बच्चा लगभग दो सप्ताह का था और उसे मरने से पहले सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में सर्दियों के दौरान जन्म लेने वाले डॉल्फिन के बच्चों को ठंडी हवाओं के कारण सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।


वैज्ञानिक दृष्टिकोण

वैज्ञानिकों की राय


वैज्ञानिक बताते हैं कि डॉल्फिन और व्हेल जैसे समुद्री जीवों में अपने मृत बच्चों को लंबे समय तक अपने साथ रखने का व्यवहार पहले भी देखा गया है। इसे वैज्ञानिक भाषा में पोस्ट-मॉर्टम अटेंटिव बिहेवियर कहा जाता है। यह मां और बच्चे के बीच गहरे भावनात्मक संबंध का संकेत है, हालांकि इसके पीछे की असली वजह जानने के लिए अभी भी शोध जारी है।


इस वीडियो के वायरल होने के बाद, सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि मां का दर्द हर जीव में समान होता है। कई यूजर्स ने लिखा कि इस दृश्य ने उनकी आंखों को नम कर दिया, जबकि कुछ ने कहा कि बच्चे को खोने का दुख सबसे बड़ा होता है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि भावनाएं केवल इंसानों में नहीं, बल्कि जानवरों में भी होती हैं।