क्या जापान का AI डेटिंग ऐप बदल सकता है शादी की परिभाषा? जानें इसके प्रभाव
जापान की जनसंख्या संकट और तकनीकी समाधान
नई दिल्ली: जापान लंबे समय से घटती जन्म दर और तेजी से बूढ़ी होती जनसंख्या की समस्या का सामना कर रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए, जापानी सरकार ने पारंपरिक उपायों से हटकर तकनीक का सहारा लिया है। इसी दिशा में, 2024 में एक सरकारी डेटिंग ऐप लॉन्च किया गया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस है। इस पहल के प्रारंभिक परिणाम उत्साहजनक हैं, जिसमें सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस ऐप के माध्यम से मिले सैकड़ों जोड़ों में से 265 ने शादी कर ली है। इससे सरकार को उम्मीद है कि भविष्य में शादी और जन्म दर में सुधार होगा।
टोक्यो एनमुसुबी: एक नई पहल
जापान सरकार ने सितंबर 2024 में 'टोक्यो एनमुसुबी' (TOKYO Enmusubi) नामक डेटिंग ऐप की शुरुआत की। इसका उद्देश्य केवल लोगों को मिलाना नहीं, बल्कि उन युवाओं को एक मंच प्रदान करना था जो वास्तव में शादी के लिए गंभीर हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, इस ऐप के माध्यम से अब तक 265 जोड़ों ने विवाह किया है, जबकि सैकड़ों अन्य कपल गंभीर रिश्ते में हैं और भविष्य में शादी की योजना बना रहे हैं। सरकार इसे सामाजिक बदलाव की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानती है।
शादी के प्रति झिझक को दूर करने का प्रयास
ऐप के लॉन्च से पहले, सरकार ने एक सर्वेक्षण किया, जिसमें पता चला कि शादी करने की इच्छा रखने वाले लगभग 70 प्रतिशत लोग किसी न किसी कारण से जीवनसाथी की तलाश नहीं कर रहे थे। कई लोग झिझक, समय की कमी या सही साथी न मिलने के कारण पीछे हट रहे थे। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया, जहां केवल गंभीर इरादे वाले लोग ही शामिल हो सकें। इसका उद्देश्य डेटिंग को मनोरंजन के बजाय विवाह की दिशा में एक भरोसेमंद माध्यम बनाना था।
सख्त शर्तों के साथ ऐप में शामिल होना
सरकारी डेटिंग ऐप पर रजिस्ट्रेशन के लिए कोई भी सीधे आवेदन नहीं कर सकता था। हर आवेदक को यह साबित करना आवश्यक था कि वह कानूनी रूप से अविवाहित है। इसके अलावा, आवेदकों को ऑनलाइन इंटरव्यू देना पड़ता था और कई अन्य दस्तावेज भी जमा करने होते थे। इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्लेटफॉर्म पर केवल वे लोग आएं जो वास्तव में शादी के लिए तैयार हों।
आवेदन की संख्या और चयन प्रक्रिया
इस ऐप की शुरुआत के बाद, बड़ी संख्या में लोगों ने रुचि दिखाई। प्रारंभिक चरण में लगभग 36,000 लोगों ने आवेदन किया, लेकिन सभी आवेदनों की जांच के बाद केवल 16,000 लोगों को सदस्यता दी गई। 30 जून तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 760 कपल गंभीर रिश्ते में पहुंचे और 265 ने शादी कर ली। यह दर्शाता है कि ऐप का चयन और सत्यापन मॉडल प्रभावी साबित हुआ है।
एक प्रेरणादायक कहानी
जापान सरकार ने इस पहल की सफलता का उदाहरण एक महिला की कहानी के माध्यम से साझा किया है, जिसका नाम गोपनीय रखने के लिए 'टर्टल' रखा गया है। उसने 40 वर्ष की उम्र में इस ऐप को अपनी आखिरी उम्मीद मानकर इस्तेमाल किया। कई मुलाकातों के बाद, अगस्त के अंत में उसकी मुलाकात अपने भावी पति से हुई। कुछ ही सप्ताह में दोनों ने गंभीर रिश्ते की शुरुआत की और दिसंबर के अंत में विवाह का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। आज वे शादीशुदा जीवन जी रहे हैं।
जनसंख्या संकट: एक गंभीर चुनौती
हालांकि इस ऐप को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, लेकिन जापान की जनसंख्या से जुड़ी समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है। जून में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जापानी नागरिकों के यहां केवल 6,71,236 बच्चों का जन्म हुआ, जो अब तक का सबसे कम आंकड़ा है। यह लगातार दसवां वर्ष है जब देश में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या घटी है। दूसरी ओर, मौतों की संख्या 16 लाख से अधिक दर्ज की गई है, जो जन्मों की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है। स्वास्थ्य, श्रम और कल्याण मंत्रालय के अनुसार, शादी की संख्या में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन प्रजनन दर घटकर 1.14 रह गई है।