क्या ट्रेन में पंखा ले जाना है सही? वायरल वीडियो ने उठाए सवाल
भारतीय रेल: जीवन रेखा और यात्रियों की लापरवाही
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे को देश की 'लाइफलाइन' माना जाता है, जहां हर दिन लाखों लोग अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए ट्रेनों का सहारा लेते हैं। लेकिन, सुविधाओं के साथ-साथ रेलवे परिसर में यात्रियों की लापरवाही और सार्वजनिक संपत्ति के दुरुपयोग की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। कभी सीटों के लिए झगड़े तो कभी रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की खबरें सुर्खियों में रहती हैं। इसी क्रम में, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने ट्रेन में दी जाने वाली सुविधाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छोटा टेबल फैन लेकर यात्रा
छोटा टेबल फैन लेकर किया सफर
इस वायरल वीडियो में एक यात्री ट्रेन के डिब्बे में अपने साथ एक छोटा टेबल फैन लेकर यात्रा करता दिखाई दे रहा है। गर्मी से राहत पाने के लिए उसने ट्रेन के मोबाइल चार्जिंग सॉकेट में पंखे का प्लग लगाने की कोशिश की, लेकिन उसकी यह कोशिश सफल नहीं हुई और पंखा चालू नहीं हुआ।
This man was carrying his own fan while traveling on a train. Suddenly, he tried to plug his 220V AC fan into the train's 110V DC electric port.
— Saffron Chargers (@SaffronChargers) August 2, 2026
Because of this, his fan didn’t work, and he could also have damaged the train's electric port, which is meant for mobile charging. As… pic.twitter.com/LiE7ajwU2H
मैगी बनाने का विवाद
मैगी बनाने का मामला भी आया था सामने
यह पहली बार नहीं है जब ट्रेन के चार्जिंग सॉकेट का गलत इस्तेमाल हुआ है। इससे पहले एक वीडियो में एक यात्री ने सॉकेट में इलेक्ट्रिक केतली का प्लग लगाकर मैगी बनाते हुए देखा गया था। ऐसी घटनाएं रेलवे में सॉकेट की क्षमता और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को उजागर करती हैं।
उच्च वोल्टेज उपकरणों का उपयोग
हाई-वोल्टेज उपकरण चलाने से क्यों होती है नाकामी?
आमतौर पर घरेलू उपयोग के लिए बनाए गए पंखे, इलेक्ट्रिक केतली, हीटर, और अन्य उपकरण 230 वोल्ट एसी बिजली पर काम करते हैं। जबकि ट्रेनों में चार्जिंग पॉइंट मुख्य रूप से मोबाइल फोन या लैपटॉप जैसे छोटे उपकरणों के लिए होते हैं, जिनकी बिजली क्षमता सीमित होती है। जब कोई यात्री इन सॉकेट्स में अधिक लोड वाला उपकरण लगाता है, तो वे उपकरण पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण काम नहीं कर पाते।
यात्रियों की असुविधा का खतरा
यात्रियों की असुविधा का खतरा
जब कोई यात्री क्षमता से अधिक लोड वाला उपकरण लगाता है, तो ट्रेन के विद्युत सर्किट में सुरक्षा प्रणाली सक्रिय हो जाती है। इससे संबंधित सॉकेट का फ्यूज ट्रिप हो सकता है या चार्जिंग पॉइंट कुछ समय के लिए बंद हो सकता है। इसका सीधा असर अन्य यात्रियों पर पड़ता है, जो अपने मोबाइल या अन्य आवश्यक गैजेट्स को चार्ज नहीं कर पाते। रेलवे प्रशासन यात्रियों से अपील करता है कि वे चार्जिंग पॉइंट का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद बनी रहे।