क्या है 'Alpine Divorce' का खतरनाक ट्रेंड? जानें इसके पीछे की सच्चाई
नई दिल्ली में बढ़ता 'अल्पाइन डिवोर्स' ट्रेंड
नई दिल्ली: आजकल रिश्तों में ब्रेकअप के नए तरीके सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर हर दिन एक नया शब्द ट्रेंड कर रहा है। इनमें से एक चौंकाने वाला और डरावना ट्रेंड है 'अल्पाइन डिवोर्स'।
इस नाम से ऐसा लगता है जैसे यह अमीरों का तलाक हो, लेकिन असल में यह रिश्ते खत्म करने का एक बेहद क्रूर तरीका है। टिकटॉक और इंस्टाग्राम पर यह शब्द तेजी से फैल रहा है, जहां लोग अपने डरावने अनुभव साझा कर रहे हैं।
'अल्पाइन डिवोर्स' का अर्थ
यह कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। 'अल्पाइन डिवोर्स' में एक व्यक्ति अपने साथी को घने जंगलों, बर्फीले पहाड़ों या दूर-दराज के ट्रैक पर ले जाकर, बीच रास्ते में ब्रेकअप की घोषणा करता है या चुपचाप उसे अकेला छोड़कर भाग जाता है।
यह बेहद खतरनाक है क्योंकि वहां नेटवर्क नहीं होता, रास्ते अनजान होते हैं, मौसम खराब हो सकता है, और जान का खतरा रहता है। कई मामलों में लोग ठंड, भूख या गिरने से घायल हो जाते हैं या यहां तक कि उनकी मौत भी हो जाती है।
इस ट्रेंड की उत्पत्ति
यह शब्द 1893 में रॉबर्ट बार द्वारा लिखी गई एक सस्पेंस कहानी 'एन अल्पाइन डिवोर्स' से आया है, जिसमें पति अपनी पत्नी को स्विस आल्प्स में पहाड़ से धक्का देकर मारने की योजना बनाता है।
130 साल बाद, इंटरनेट ने इस डरावनी कहानी को वास्तविकता में बदल दिया। 'अल्पाइन' शब्द ऊंचे, बर्फीले और खतरनाक पहाड़ों के लिए प्रयोग होता है, जैसे स्विट्जरलैंड या ऑस्ट्रिया के क्षेत्र, जहां अकेले जीवित रहना कठिन होता है।
सोशल मीडिया पर ट्रेंड का प्रभाव
2026 की शुरुआत में एक टिकटॉक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक महिला ने बताया कि उसके बॉयफ्रेंड ने हाइकिंग के दौरान उसे अकेला छोड़ दिया। इस वीडियो को करोड़ों लोगों ने देखा और सैकड़ों महिलाओं ने अपने समान अनुभव साझा किए।
कुछ महिलाओं ने बताया कि उनके पार्टनर जानबूझकर तेज चलकर उन्हें पीछे छोड़ देते हैं। एक दुखद घटना ऑस्ट्रिया की है, जहां एक क्लाइंबर ने अपनी गर्लफ्रेंड को ऊंचे पहाड़ पर छोड़ दिया और वह ठंड से मर गई। आरोपी को नेग्लिजेंट मानस्लॉटर का दोषी ठहराया गया। अब महिलाएं सावधान रहने की सलाह दे रही हैं।
क्या यह ट्रेंड गंभीर है?
कई लोग इसे डार्क ह्यूमर के रूप में लेते हैं, लेकिन यह वास्तव में रिश्ते में हिंसा का एक रूप है। इसमें पार्टनर को जानबूझकर खतरे में डाला जाता है। यह महिलाओं के लिए सुरक्षा का एक बड़ा मुद्दा बन गया है। हाइकिंग या आउटडोर डेट पर जाते समय हमेशा लोकेशन शेयर करें, ग्रुप में जाएं और अपनी अंतर्ज्ञान पर भरोसा करें। यह ट्रेंड रिश्तों में विश्वास की कमी और क्रूर ब्रेकअप के तरीकों को उजागर कर रहा है।