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क्या है इस वायरल वीडियो में? मजदूर की मेहनत और अमीरों की लापरवाही का सच

A viral video has sparked discussions about inequality and humanity as it shows a construction worker struggling to carry heavy concrete blocks up 21 floors, despite the presence of four operational lifts in the building. Originally shared by an Instagram user, the video highlights the harsh realities faced by laborers who are denied access to basic facilities. As social media users express their outrage, the video raises critical questions about the treatment of workers in luxury buildings and the broader implications of such disparities in society. This incident has ignited a debate on the dignity and rights of workers, making it a significant topic of discussion.
 

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो


नई दिल्ली: एक वीडियो जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, ने अमीर और गरीब के बीच के भेदभाव पर एक बार फिर बहस को जन्म दिया है। इस वीडियो में एक मजदूर को 21वीं मंजिल तक सीढ़ियों पर भारी कंक्रीट के दो ब्लॉक उठाए हुए चढ़ते हुए देखा जा सकता है, जबकि उसी इमारत में चार लिफ्टें चालू हैं। यह वीडियो अब चर्चा का विषय बन गया है। 


कंस्ट्रक्शन वर्कर की कठिनाई

यह वीडियो पहले इंस्टाग्राम यूजर डिम्प्स द्वारा साझा किया गया था, लेकिन अब यह उनकी प्रोफाइल से हटा दिया गया है। हालांकि, तब तक यह कई अन्य प्लेटफार्मों पर फैल चुका था। वीडियो में एक थका हुआ कंस्ट्रक्शन वर्कर सीढ़ियों पर चढ़ते हुए दिखाई दे रहा है, उसके सिर पर दो बड़े कंक्रीट के ब्लॉक हैं।


डिम्प्स ने वीडियो में कहा कि बिल्डिंग में चार लिफ्टें हैं, लेकिन मजदूरों को उनका उपयोग करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा, "देखिए, इस बिल्डिंग में चार लिफ्ट हैं, लेकिन मजदूरों को सामान ऊपर ले जाने के लिए लिफ्ट का उपयोग नहीं करने दिया जा रहा है। बेचारे मजदूर 21वीं मंजिल तक सीढ़ियां चढ़ रहे हैं।" उन्होंने लिफ्टों को भी दिखाया जो पूरी तरह से कार्यशील थीं।


इंसानियत पर उठे सवाल

बाद में इस वीडियो को X पर अमित सिंह नामक यूजर ने फिर से साझा किया। उन्होंने लिखा कि चार लिफ्ट होने के बावजूद मजदूर को भारी सामान उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, क्योंकि लिफ्ट केवल निवासियों के लिए आरक्षित हैं। उन्होंने इसे बुनियादी मानवता की कमी बताया। वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स ने कहा कि यह सिर्फ सुविधा का नहीं, बल्कि इज्जत का मामला है।


एक यूजर ने इस व्यवहार की तुलना गुलामी से की और लिखा कि सदियों की सभ्यता के बाद भी अगर हम अपने ही लोगों का शोषण कर रहे हैं, तो हमने क्या सीखा? दूसरे यूजर ने कहा कि मजदूरों को कम से कम काम करने के लिए मानवीय हालात तो मिलने चाहिए।