न्यूजीलैंड में जंगली बिल्ली 'नाइन लाइव्स' का अंत: संरक्षण की बहस जारी
जंगली बिल्ली की कहानी का अंत
नई दिल्ली: न्यूजीलैंड में एक चालाक जंगली बिल्ली, जिसे 'नाइन लाइव्स' के नाम से जाना जाता था, की कहानी अब समाप्त हो गई है। यह बिल्ली लगभग तीन वर्षों तक वन्यजीव संरक्षण टीमों को चकमा देती रही। उसे पकड़ने के लिए कई बार जाल बिछाए गए और निगरानी बढ़ाई गई, लेकिन वह हर बार बच निकलती थी। अंततः उसे पकड़ लिया गया और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उसे गोली मार दी गई।
दुर्लभ बत्तखों के लिए खतरा
रिपोर्टों के अनुसार, 'नाइन लाइव्स' न्यूजीलैंड के नॉर्थ आइलैंड के प्यूरेरुआ प्रायद्वीप में सक्रिय थी। उस पर इलाके की दुर्लभ पाटेके बत्तखों का शिकार करने का आरोप था। इस बिल्ली ने न केवल बत्तखों, बल्कि कीवी के बच्चों और अन्य स्थानीय जीवों का भी शिकार किया।
संरक्षण परियोजना 'पेस्ट फ्री प्यूरेरुआ' से जुड़े विशेषज्ञों ने इस बिल्ली के कारण स्थानीय वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताओं का इजहार किया।
पहली बार 2023 में नजर आई
'नाइन लाइव्स' पहली बार 2023 में प्यूरेरुआ प्रायद्वीप में देखी गई थी। उसी समय संरक्षण टीम ने इलाके में 20 दुर्लभ पाटेके बत्तखों को छोड़ा था। उम्मीद थी कि संरक्षण कार्यक्रम से इनकी संख्या में वृद्धि होगी, लेकिन एक सप्ताह के भीतर एक बत्तख मृत पाई गई। कैमरा फुटेज से एक विशेष निशान वाली बिल्ली की पहचान हुई, जिसे बाद में 'नाइन लाइव्स' नाम दिया गया।
15 बत्तखों का शिकार
बिल्ली को पकड़ने के लिए कई प्रकार के जाल और नाइट विजन कैमरे लगाए गए, फिर भी वह लगातार टीमों को चकमा देती रही। 2024 में जब 20 और दुर्लभ बत्तखों को छोड़ा गया, तो उनमें से 15 का शिकार उसी बिल्ली ने किया।
लगातार हो रहे नुकसान के बाद संरक्षण टीम ने उसे पकड़ने के प्रयासों को तेज कर दिया। अंततः तीन साल बाद वह जाल में फंस गई और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उसे गोली मार दी गई।
मौत के बाद की बहस
'नाइन लाइव्स' की मौत पर लोगों की राय विभाजित है। कुछ ने जंगली बिल्ली के मारे जाने पर दुख व्यक्त किया, जबकि संरक्षण से जुड़े लोगों ने इसे स्थानीय वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया। अब उसकी बॉडी को सुरक्षित रखने की योजना बनाई जा रही है, ताकि लोगों को जंगली बिल्लियों के स्थानीय वन्यजीवों पर प्रभाव के बारे में जागरूक किया जा सके।