बुर्ज खलीफा की सफाई: ऊंचाई पर काम करने वाले कर्मचारियों की चुनौती
दुनिया की सबसे ऊंची इमारत की सफाई
नई दिल्ली: दुबई का बुर्ज खलीफा, जो कि विश्व की सबसे ऊंची इमारत है, की ऊंचाई लगभग 828 मीटर है। इस विशाल इमारत के बाहर लगे हजारों शीशों की सफाई करना एक कठिन कार्य है। यहां काम करने वाले कर्मचारी सैकड़ों मीटर की ऊंचाई पर लटककर सफाई करते हैं।
खिड़कियों की सफाई की चुनौती
बुर्ज खलीफा में लगभग 24,348 खिड़कियां हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 1.2 लाख वर्ग मीटर है। इतनी बड़ी बाहरी सतह को साफ और चमकदार बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है।
सफाई के लिए विभिन्न मशीनों और सुरक्षा प्रणालियों का उपयोग किया जाता है। जहां मशीनें नहीं पहुंच सकतीं, वहां प्रशिक्षित कर्मचारी रस्सियों और अन्य सुरक्षा उपकरणों का सहारा लेकर सफाई करते हैं।
सफाई के लिए भारी मशीनों का उपयोग
बुर्ज खलीफा में तीन हॉरिजॉन्टल ट्रैक स्थापित हैं, जिन पर 1,500 किलो वजन वाली बकेट मशीनें चलती हैं। इन मशीनों के गोंडोला में सफाई कर्मचारी बैठकर इमारत के बाहरी शीशों की सफाई करते हैं।
ऊंचाई के साथ सफाई की तकनीक भी बदलती है। 109वीं मंजिल के ऊपर, डेविट सिस्टम से लटके क्रैडल्स का उपयोग किया जाता है, जबकि सबसे ऊपरी हिस्सों तक पहुंचने के लिए कर्मचारी रस्सियों का सहारा लेते हैं।
तेज हवा और गर्मी की चुनौतियां
इतनी ऊंचाई पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए तेज हवा एक बड़ा खतरा है। यदि हवा की स्थिति सही नहीं होती है, तो काम रोक दिया जाता है, क्योंकि तेज झोंकों में नियंत्रण पाना मुश्किल हो सकता है।
दुबई की गर्मी भी कर्मचारियों के लिए एक चुनौती है। वे विशेष सुरक्षा कपड़े पहनते हैं और हाइड्रेशन पैक के माध्यम से लगातार पानी और इलेक्ट्रोलाइट लेते रहते हैं। काम के दौरान नियमित ब्रेक लेना भी आवश्यक होता है।
सफाई का काम महीनों तक चलता है
बुर्ज खलीफा की बाहरी सफाई एक दिन का कार्य नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, इसके लिए लगभग 36 कर्मचारियों की टीम काम करती है और पूरी बाहरी सतह की सफाई में लगभग 3 से 4 महीने लग सकते हैं।
इस कार्य के लिए कर्मचारियों को ऊंचाई पर काम करने, रस्सी से उतरने, सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने और आपात स्थितियों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। इस प्रकार, बुर्ज खलीफा की चमक के पीछे इन प्रशिक्षित कर्मचारियों की मेहनत और साहस छिपा है।