मुरादाबाद की हवेली में 2,000 गौरैयों का अनोखा आशियाना, जानें कैसे हुआ ये संभव?
गौरैया का संकट और मुरादाबाद का समाधान
नई दिल्ली: भारतीय घरों में कभी आम रहने वाली गौरैया अब तेजी से लुप्त होती जा रही है। शहरीकरण, नए निर्माण और पर्यावरण में बदलाव के चलते इन चिड़ियों के लिए सुरक्षित घोंसला बनाना कठिन हो गया है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक परिवार ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें 2,000 से अधिक गौरैयां अपने सुरक्षित आशियाने में दिखाई दे रही हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
गौरैया संरक्षण की अनोखी पहल
यह वायरल वीडियो मुरादाबाद की एक पुरानी हवेली से संबंधित है, जहां दावा किया जा रहा है कि दो हजार से ज्यादा गौरैयां सुरक्षित रूप से निवास कर रही हैं। परिवार ने पक्षियों के संरक्षण के लिए अपने घर को इस तरह से तैयार किया है कि यह गौरैयों के लिए एक प्राकृतिक आवास का अनुभव प्रदान करे।
परिवार की विशेष तैयारी
परिवार के सदस्यों ने गौरैयों की घटती संख्या को देखते हुए यह पहल शुरू की। आधुनिक घरों में घोंसले बनाने की जगह कम हो गई थी, इसलिए उन्होंने अपनी पुरानी हवेली को पक्षी-अनुकूल बनाने का निर्णय लिया। इसके तहत घर से सभी छत के पंखे हटा दिए गए ताकि उड़ती हुई चिड़ियों को कोई खतरा न हो। इसके अलावा, पहले लगाए गए एयर कंडीशनर को भी हटा दिया गया, क्योंकि एक गौरैया उसके वेंट में फंसकर मर गई थी। अब घर में केवल कूलर हैं, जिन पर सुरक्षा के लिए जाली लगाई गई है।
हवेली की खिड़कियों, दीवारों और छत के कोनों में घोंसले बनाने के लिए विशेष स्थान तैयार किए गए हैं। इसके साथ ही नियमित रूप से दाना और पानी की व्यवस्था भी की जाती है, जिससे पक्षियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
गौरैयों की चहचहाहट से गूंजता है हवेली का माहौल
इस हवेली में सुबह और शाम हजारों गौरैयों की चहचहाहट सुनाई देती है। इस अनोखी पहल को देखने के लिए स्थानीय लोग और पर्यटक भी यहां आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। कई लोग इसे गौरैया संरक्षण की प्रेरणादायक पहल मानते हैं और अपने घरों को भी पक्षी-अनुकूल बनाने की प्रेरणा ले रहे हैं।