राजस्थान के 77 वर्षीय बुजुर्ग की प्रेरणादायक कहानी: बिना प्रचार के राहगीरों की प्यास बुझाने वाला हीरो
दिल को छू लेने वाली कहानी
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर रोजाना हजारों वीडियो वायरल होते हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो दिल को छू जाती हैं। राजस्थान के बाड़मेर से आई एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। यहां एक 77 वर्षीय बुजुर्ग पिछले 21 वर्षों से बिना किसी स्वार्थ और प्रचार के राहगीरों की प्यास बुझाने का कार्य कर रहे हैं। उनका यह छोटा सा प्रयास आज लाखों लोगों के लिए मानवता की मिसाल बन गया है।
वीडियो ने बढ़ाई चर्चा
यह कहानी तब सुर्खियों में आई जब कंटेंट क्रिएटर मोहन बलियारा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में बाड़मेर जिले के हुडो की धानी गांव के निवासी थाना राम कडवासरा नजर आते हैं। वीडियो के माध्यम से पता चला कि वह पिछले दो दशकों से यात्रियों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने उनकी सराहना की और उनके सेवा भाव को सलाम किया। कई लोगों ने उन्हें मानवता का सच्चा उदाहरण बताया।
21 वर्षों से सेवा का संकल्प
थाना राम कडवासरा रोजाना बाड़मेर-बटाडू मार्ग पर आने-जाने वाले लोगों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करते हैं। वह सुबह से ही पानी की बोतलों और बर्तनों को भरने में जुट जाते हैं ताकि रास्ते से गुजरने वाले किसी भी व्यक्ति को प्यासा न रहना पड़े। चाहे यात्री हों, टैक्सी चालक हों या सामान्य राहगीर, हर किसी के लिए उनके पास ठंडा और साफ पानी उपलब्ध रहता है। सबसे खास बात यह है कि वह यह सेवा लगातार 21 वर्षों से कर रहे हैं और आज तक उन्होंने इसके बदले किसी तरह की अपेक्षा नहीं रखी।
गर्मी में राहत का सहारा
राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में गर्मी बेहद कठिन होती है। बाड़मेर में गर्मियों के दौरान तापमान कई बार 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे मौसम में लंबी दूरी तय करने वाले लोगों के लिए पीने का ठंडा पानी किसी वरदान से कम नहीं होता। थाना राम का यह प्रयास यात्रियों को केवल पानी ही नहीं देता, बल्कि उन्हें राहत और सुकून का एहसास भी कराता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच उनका यह सेवा कार्य लोगों के लिए बड़ी मदद साबित होता है।
बिना प्रचार के मानवता की सेवा
आज के समय में जहां कई लोग अपने अच्छे कार्यों को सोशल मीडिया पर दिखाना पसंद करते हैं, वहीं थाना राम का तरीका बिल्कुल अलग है। न उनके पास कोई प्रचार अभियान है, न कोई दान संग्रह की व्यवस्था और न ही पहचान पाने की कोई इच्छा। वे चुपचाप अपना काम करते हैं और लोगों की मदद को ही अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। यही सादगी और निस्वार्थ भावना उन्हें खास बनाती है।
लोगों की प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने कहा कि ऐसे लोग समाज की असली ताकत होते हैं। वहीं कुछ लोगों ने लिखा कि मानवता जिंदा है तो ऐसे लोगों की वजह से। लोगों का मानना है कि थाना राम ने यह साबित कर दिया है कि किसी की मदद करने के लिए बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। यदि मन में सेवा का भाव हो तो छोटे-छोटे काम भी समाज पर गहरा प्रभाव छोड़ सकते हैं।