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रुद्रपुर में ओवरलोडिंग का चौंकाने वाला मामला: 30 स्लीपर बस में 168 यात्री!

उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक प्राइवेट बस में ओवरलोडिंग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 30 स्लीपर की क्षमता वाली इस बस में 168 यात्री सवार थे, जिसमें 138 वयस्क और 30 बच्चे शामिल थे। परिवहन विभाग ने बस को सीज कर दिया और यात्रियों को रोडवेज स्टेशन पहुंचाया। इस घटना ने परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि बस ने 208 किलोमीटर की यात्रा बिना किसी जांच के की। जानें पूरी कहानी इस लेख में।
 

लखनऊ: ओवरलोडिंग की हैरान करने वाली घटना

लखनऊ: उत्तराखंड के रुद्रपुर में परिवहन विभाग ने एक चौंकाने वाली ओवरलोडिंग की घटना का खुलासा किया है। लखीमपुर खीरी से पंजाब की ओर जा रही एक प्राइवेट बस में उसकी निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक यात्री सवार पाए गए। इस बस की अधिकतम क्षमता 30 स्लीपर और एक सीट बताई गई, लेकिन जांच के दौरान इसमें कुल 168 यात्री, जिनमें 138 वयस्क और 30 बच्चे शामिल थे, सवार मिले।


बस का गंतव्य और जांच की प्रक्रिया

जानकारी के अनुसार, यह बस पंजाब के लुधियाना, खन्ना, जालंधर और अंबाला की ओर जा रही थी। परिवहन विभाग की टीम ने रात करीब एक बजे रुद्रपुर के लालपुर क्षेत्र में बस को रोका और उसकी जांच की। अधिकारियों ने बताया कि यह वाहन बिना वैध परमिट और टैक्स के चल रहा था। ओवरलोडिंग और अन्य नियमों के उल्लंघन के चलते बस का चालान किया गया और इसे रुद्रपुर रोडवेज स्टेशन में सीज कर दिया गया।


208 किलोमीटर की यात्रा बिना जांच

यह मामला परिवहन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाता है। बताया गया कि बस लखीमपुर खीरी से रुद्रपुर तक लगभग 208 किलोमीटर की यात्रा कर चुकी थी, लेकिन इस दौरान इसकी जांच नहीं की गई। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को लेकर यह बस लंबी दूरी तय करती रही। अधिकारियों की कार्रवाई के बाद यह सवाल उठता है कि रास्ते में मौजूद चेकिंग व्यवस्था ने इस वाहन पर ध्यान क्यों नहीं दिया।


यात्रियों की गिनती में समय लगा

बस को रोकने के बाद यात्रियों को बाहर निकालकर उनकी गिनती करने में परिवहन विभाग की टीम को लगभग चार घंटे लगे। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद यात्रियों को रोडवेज स्टेशन पहुंचाया गया, जहां आगे की यात्रा के लिए परिवहन निगम से वाहन उपलब्ध कराने की कोशिश की गई।


यात्रियों की परेशानी

हालांकि, यात्रियों की समस्याएं यहीं खत्म नहीं हुईं। बताया गया कि प्राइवेट बस के लिए यात्रियों से पहले ही लगभग 700 से 800 रुपये किराया लिया गया था। बस सीज होने के बाद किराया वापस नहीं मिला, जबकि आगे की यात्रा के लिए दोबारा पैसे देने की आवश्यकता पड़ी।


तीन दिन में दूसरा ओवरलोडिंग मामला

परिवहन विभाग के अनुसार, पिछले तीन दिनों में यह दूसरा बड़ा ओवरलोडिंग मामला है। इससे पहले किच्छा क्षेत्र में टनकपुर से लुधियाना जा रही एक बस में निर्धारित क्षमता से दोगुने से अधिक यात्री पाए गए थे। विभाग ने कहा है कि क्षमता से अधिक सवारियां लेकर चलने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।