×

लखनऊ जंक्शन पर बुजुर्ग कुली की मेहनत का वीडियो हुआ वायरल, जानें उनकी कहानी

लखनऊ जंक्शन पर एक बुजुर्ग कुली मुरली का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मुरली अपनी मेहनत और संघर्ष की कहानी साझा करते हैं। 70 साल की उम्र में भी वह 50-60 किलो वजन उठाते हैं, ताकि उन्हें दो वक्त की रोटी मिल सके। उनके आत्मसम्मान और खुद्दारी की मिसाल ने कई लोगों को भावुक कर दिया है। जानें इस वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं और मुरली की प्रेरणादायक कहानी।
 

लखनऊ जंक्शन का वायरल वीडियो


सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें लखनऊ जंक्शन पर एक युवक एक बुजुर्ग कुली से बातचीत करता हुआ दिखाई दे रहा है। इस बुजुर्ग का नाम मुरली है, जो पिलर के सहारे खड़े हैं, उनकी आंखों में थकान और चेहरे पर उम्र की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। मुरली ने बताया कि उनकी उम्र लगभग 70 वर्ष है और वह पिछले 20 सालों से कुली का काम कर रहे हैं।


बुजुर्ग की मेहनत और संघर्ष

यह जानकर हैरानी होती है कि इस उम्र में भी मुरली एक बार में 50 से 60 किलो वजन उठाने की क्षमता रखते हैं। उनका यह प्रयास केवल इसीलिए है ताकि उन्हें दिन में दो बार खाना मिल सके। जबकि इस उम्र में अधिकांश लोग आराम की उम्मीद करते हैं, मुरली रोजाना कठिन परिश्रम कर रहे हैं। उनके चेहरे पर न तो कोई शिकायत है और न ही किसी से कोई गिला। उनकी चुप्पी उनकी पूरी जिंदगी की कहानी बयां करती है।


खुद्दारी की मिसाल

जब युवक मुरली से उनके परिवार के बारे में पूछता है, तो वह बताते हैं कि उनका बेटा मुंबई में रहता है। जब उनसे पूछा जाता है कि क्या उनका बेटा उन्हें पैसे भेजता है, तो मुरली सादगी से कहते हैं, "नहीं, हम किसी से नहीं मांगते।" यह छोटा सा उत्तर उनके जीवन की कठिनाइयों, धैर्य और आत्मसम्मान को दर्शाता है। इस पर युवक भी भावुक हो जाता है और कहता है कि जिसने अपने बेटे को पाला, उसे बुढ़ापे में सहारे का हक है।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर @SaffronChargers नामक अकाउंट से साझा किया गया है। लगभग 1 मिनट 37 सेकंड के इस वीडियो को खबर लिखे जाने तक एक लाख से अधिक लोग देख चुके हैं। वीडियो के कैप्शन को लेकर कुछ चर्चा हुई, लेकिन अधिकांश लोगों ने बुजुर्ग की स्थिति और समाज की वास्तविकता पर ध्यान केंद्रित किया।


कई यूजर्स ने इसे दिल को छू लेने वाला बताया, जबकि कुछ ने समाज और व्यवस्था पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि आज भी हमारे देश में कई बुजुर्ग हैं, जो मजबूरी में इस उम्र में भी काम करने को मजबूर हैं।