वाराणसी में इफ्तार पार्टी पर विवाद: गंगा में फेंके गए खाने के अवशेषों से भड़का रोष
गंगा में इफ्तार पार्टी का वायरल वीडियो
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रमजान के दौरान गंगा नदी में एक नाव पर इफ्तार पार्टी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस वीडियो में कुछ युवक नाव पर बैठे नजर आ रहे हैं, जहां उन्होंने रोजा खोला और चिकन बिरयानी का आनंद लिया। आरोप है कि खाने के बचे हुए टुकड़े और हड्डियां गंगा में फेंकी गईं, जिससे कई लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं, क्योंकि गंगा को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है।
BJP युवा मोर्चा की शिकायत पर कार्रवाई
भारतीय जनता युवा मोर्चा के वाराणसी महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर कहा कि गंगा मां सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक हैं। यहां रोजाना लाखों श्रद्धालु स्नान और पूजा के लिए आते हैं। नाव पर नॉन-वेज खाना और उसके अवशेष नदी में फेंकना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कार्य है।
जायसवाल ने कहा कि यह कृत्य जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है, जिससे हिंदू समाज में रोष उत्पन्न हुआ है। उन्होंने पुलिस से मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और नाव चालक का लाइसेंस रद्द किया जाए।
इफ्तार पार्टी का आयोजन
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम को एक युवक ने इफ्तार का आयोजन किया। रोजेदारों को गंगा घाट पर बुलाया गया और पहले से बुक की गई नाव पर सभी को बिठाया गया। नाव पर पहले नमाज पढ़ी गई, फिर खजूर और फल खाकर रोजा खोला गया।
इसके बाद चिकन बिरयानी परोसी गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि नॉन-वेज खाने के टुकड़े और कचरा पवित्र गंगा में फेंका गया, जो नदी की पवित्रता के खिलाफ है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शिकायत मिलने के तुरंत बाद कार्रवाई की। कोतवाली थाने में मामला दर्ज होने के बाद जांच शुरू की गई। अब तक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो सभी पार्टी में शामिल थे। पुलिस नाव चालक और अन्य लोगों की तलाश कर रही है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।