☰
×

सूरत के व्यापारी ने दिवाली पर कर्मचारियों को दिए लाखों रुपये, जानें क्या है खास

गुजरात के सूरत में कपड़ा व्यापारी रामस्वरूप मुंडे ने अपने 20 कर्मचारियों को दिवाली पर एक-एक लाख रुपये का बोनस दिया। उन्होंने यह राशि लिफाफे में नहीं, बल्कि नोटों की गड्डियों से भरी थालियों में भेंट की, जिससे कई कर्मचारी भावुक हो गए। इस अनोखे बोनस वितरण की चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है, और लोग इसे सराह रहे हैं। जानें इस दिल छू लेने वाली कहानी के बारे में और भी।
 

दिवाली का अनोखा तोहफा


नई दिल्ली: दिवाली के मौके पर बोनस की उम्मीद हर कर्मचारी करता है। कुछ को मिठाई और कपड़े मिलते हैं, तो कुछ को कुछ हजार रुपये का बोनस। लेकिन गुजरात के सूरत में एक व्यापारी ने अपने कर्मचारियों को ऐसा उपहार दिया है, जो चर्चा का विषय बन गया है। कपड़ा व्यापारी रामस्वरूप मुंडे ने अपने 20 कर्मचारियों को एक-एक लाख रुपये से अधिक का नकद बोनस दिया। उन्होंने यह राशि लिफाफे में नहीं, बल्कि नोटों की गड्डियों से भरी बड़ी थालियों में भेंट की। इस दृश्य को देखकर कई कर्मचारी हैरान रह गए, जबकि कुछ की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।


20 कर्मचारियों को बांटे 20 लाख रुपये से ज्यादा

रामस्वरूप मुंडे सूरत के वराछा क्षेत्र में महादेव क्लॉथ सेंटर चलाते हैं। इस दिवाली, उन्होंने अपने 20 कर्मचारियों को एक-एक लाख रुपये से अधिक का बोनस देने का निर्णय लिया, जिससे कुल 20 लाख रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई। उन्होंने नए नोटों की गड्डियों को पूजा की थालियों में सजाया और कर्मचारियों को भेंट किया। इस पूरे आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें नोटों से भरी थालियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं।


जब कर्मचारियों को एक-एक करके बोनस दिया गया, तो वे पहले तो इस उपहार को देखकर चकित रह गए। एक महिला कर्मचारी की आंखों से खुशी के आंसू बहने लगे। इस अवसर पर कारोबारी के परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे, और कर्मचारियों को उनकी पत्नियों के हाथों से बोनस दिया गया, ताकि यह पल और भी खास बन सके।


कर्मचारियों को परिवार मानते हैं कारोबारी

रामस्वरूप मुंडे ने कहा कि उनके लिए कर्मचारी केवल काम करने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि वे उनके परिवार के सदस्य हैं। उनका मानना है कि किसी भी व्यवसाय की सफलता में कर्मचारियों की मेहनत और ईमानदारी का बड़ा योगदान होता है। उन्होंने बताया कि उनका बचपन आर्थिक कठिनाइयों में गुजरा है, और वे समझते हैं कि पैसों की कमी से परिवार को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। त्योहार के समय कपड़े, घरेलू सामान और बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में खर्च बढ़ जाता है। इसलिए, वे चाहते थे कि उनके कर्मचारी बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने परिवार के साथ दिवाली का जश्न मनाएं।


राजस्थान की मायरा परंपरा से जुड़ा है यह तोहफा

रामस्वरूप ने बोनस देने के इस तरीके को राजस्थान की 'मायरा' या 'मामेरा' परंपरा से जोड़ा। इस परंपरा में मामा अपनी भांजी को शादी या विशेष अवसरों पर पैसे और उपहार देते हैं। रामस्वरूप ने इसी भावना के साथ अपने कर्मचारियों को परिवार का हिस्सा मानकर यह उपहार दिया। वीडियो के वायरल होने के बाद लोग कारोबारी की सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि कर्मचारियों की मेहनत को इस तरह सम्मानित करना प्रशंसनीय है। वहीं, कुछ लोगों ने मजाक में कहा कि उन्हें भी ऐसी कंपनी में नौकरी करनी है, जहां दिवाली पर एक लाख रुपये से अधिक का बोनस मिले।