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सोशल मीडिया पर छाया 'फायर फेशियल' ट्रेंड: जानें इसके फायदे और खतरे

सोशल मीडिया पर 'फायर फेशियल' नामक एक नया ब्यूटी ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें चेहरे पर आग लगाई जाती है। इस प्रक्रिया के समर्थक इसके कई फायदे बताते हैं, जैसे त्वचा की मृत कोशिकाओं का हटना और रक्त संचार में सुधार। हालांकि, त्वचा विशेषज्ञ इस प्रक्रिया को लेकर चेतावनी दे रहे हैं, क्योंकि आग का सीधा संपर्क त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। जानें इस ट्रेंड के पीछे की तकनीक, इसके संभावित स्वास्थ्य जोखिम और विशेषज्ञों की सलाह।
 

फायर थेरेपी का नया ट्रेंड


नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर अक्सर कुछ अनोखी चीजें वायरल होती रहती हैं, जो लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं। हाल ही में, ब्यूटी से जुड़ा एक नया ट्रेंड 'फायर थेरेपी' या 'फायर फेशियल' तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस अनोखे ट्रेंड में चेहरे पर एक पतली कपड़े की परत रखकर कुछ सेकंड के लिए नियंत्रित तरीके से आग लगाई जाती है और फिर तुरंत बुझा दी जाती है। यही कारण है कि यह ट्रेंड इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है।


फायर थेरेपी की प्रक्रिया

यह तकनीक मुख्य रूप से चीन और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई देशों में प्रचलित है। प्रक्रिया शुरू करने से पहले चेहरे को अच्छी तरह से साफ किया जाता है। इसके बाद, एक विशेष कपड़ा या तौलिया चेहरे पर रखा जाता है और सीमित समय के लिए आग का उपयोग किया जाता है। समर्थकों का कहना है कि इससे त्वचा की मृत कोशिकाएं हटती हैं, रक्त संचार में सुधार होता है, रोमछिद्रों को कसने में मदद मिलती है और त्वचा में निखार आता है। कुछ लोग इसे स्किन डिटॉक्स और रिन्यूअल थेरेपी के रूप में भी प्रचारित कर रहे हैं।



संभावित स्वास्थ्य जोखिम

हालांकि, त्वचा विशेषज्ञ इस प्रक्रिया को लेकर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि आग का सीधा संपर्क त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इससे त्वचा झुलसने, स्थायी निशान पड़ने, एलर्जी, जलन और स्किन बैरियर को नुकसान होने का खतरा रहता है। इसके अलावा, धुएं का आंखों, नाक और मुंह में जाना भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।


विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे गर्म और आर्द्र जलवायु वाले देशों में, जहां कई लोगों की त्वचा पहले से ही संवेदनशील होती है, इस प्रकार की प्रक्रिया अधिक जोखिम भरी हो सकती है।


डर्मेटोलॉजिस्ट्स की सलाह

इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फायर फेशियल के वीडियो लाखों बार देखे जा चुके हैं। कुछ लोग इसे नया ब्यूटी ट्रेंड मानते हैं, जबकि कई यूजर्स इसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट्स का कहना है कि बेहतर त्वचा के लिए वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित विकल्प, जैसे केमिकल पील, लेजर ट्रीटमेंट या माइक्रोनीडलिंग, अधिक सुरक्षित होते हैं। यदि कोई व्यक्ति फायर थेरेपी करवाने का विचार कर रहा है, तो उसे केवल प्रशिक्षित और लाइसेंस प्राप्त पेशेवर की निगरानी में यह प्रक्रिया करवानी चाहिए। साथ ही, पहले पैच टेस्ट, आंखों की सुरक्षा और उपचार के बाद मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन का उपयोग करना भी आवश्यक है।